Category: काव्य धारा
Categories

गीत
बासंती बयार रफ्ता रफ्ता
बासंती बयार रफ्ता रफ्ताफागुन की फुहार रस्ता रस्ताहोरी की गोरी का इंतजार लम्हा लम्हा।।आम के बौर मधुवन की
March 28, 2021
No Comments

नई कविता
किस रंग खेलू होली
दिल दुनियां के रंग अनेकोंकिस रंग खेलूं होलीमईया ओढे चुनरी रंग लालकेशरिया बैराग किस रंग खेलूं होली।।रंग हरा
March 28, 2021
No Comments
March 28, 2021
No Comments
March 26, 2021
No Comments

अन्य काव्य विधाएं
मौक्तिका (रोती मानवता)
मौक्तिका (रोती मानवता)2*14 (मात्रिक बहर)(पदांत ‘मानवता’, समांत ‘ओती’) खून बहानेवालों को पड़ जाता खून दिखाई,जो उनके हृदयों में
March 24, 2021
No Comments






