न्यू मीडिया में हिन्दी भाषा, साहित्य एवं शोध को समर्पित अव्यावसायिक अकादमिक अभिक्रम

डॉ. शैलेश शुक्ला

सुप्रसिद्ध कवि, न्यू मीडिया विशेषज्ञ एवं प्रधान संपादक, सृजन ऑस्ट्रेलिया

सृजन ऑस्ट्रेलिया | SRIJAN AUSTRALIA

विक्टोरिया, ऑस्ट्रेलिया से प्रकाशित, विशेषज्ञों द्वारा समीक्षित, बहुविषयक अंतर्राष्ट्रीय ई-पत्रिका

A Multidisciplinary Peer Reviewed International E-Journal Published from, Victoria, Australia

डॉ. शैलेश शुक्ला

सुप्रसिद्ध कवि, न्यू मीडिया विशेषज्ञ एवं
प्रधान संपादक, सृजन ऑस्ट्रेलिया

श्रीमती पूनम चतुर्वेदी शुक्ला

सुप्रसिद्ध चित्रकार, समाजसेवी एवं
मुख्य संपादक, सृजन ऑस्ट्रेलिया

बसंत और फाग

Spread the love
image_pdfimage_print

आई आई बसंत बहार
लहलहाते खेत खलिहान
पीले फूल सरसों के खेतों में
बाली झूमें खुशियों की बान हज़ार।।
आई आई बसंत बाहर
लाहलाते खेत खलिहान।

बजते बीना पाणि के
सारंगी सितार माँ की अर्घ्य
आराधना संस्कृति संस्कार भोर में
कोयल की मधुर तान।।
आई आई बसंत बहार
लहलहाते खेत खलिहान।।
गांव नगर गलियों में फागुन की फाग उत्साह ,उमंग की टोली घूमे बासंती बाला की गूंजे गान।।
आई आई बसंत बहार
लहलहाते खेत खलिहान।।
रंगों की फर फर फुहार
होली की मस्ती निखार
उड़ते रंग अबीर गुलाल ।।
आई आई बसन्त बाहर
लहलहाते खेत खलिहान।।
मिटे भेद उमर जाति पाँति के
लागे सब आदमी इंसान।।

आई आई बसंत बहार
लहलहाते खेत खलिहान।।
सारे गीले शिकवे हुए समाप्त
बैर भाव के टूटे दर दीवाल
सम भाव का देश समाज।।
आई आई बसंत बयार
लहलहाते खेत खलिहान।।

नांदलाल मणि त्रिपाठी पीताम्बर
गोरखपुर उत्तर प्रदेश

Last Updated on March 28, 2021 by nandlalmanitripathi

  • नंन्दलाल मणि त्रिपाठी पीताम्बर
  • प्राचार्य
  • भारतीय जीवन बीमा निगम
  • [email protected]
  • C-159 दिव्य नगर कॉलोनी पोस्ट-खोराबार जनपद-गोरखपुर -273010 उत्तर प्रदेश भारत
Facebook
Twitter
LinkedIn

More to explorer

Leave a Comment

error: Content is protected !!