Category: काव्य धारा
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January 13, 2021
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January 13, 2021
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काव्य धारा
सीढ़ी
सीढ़ी छत की दीवार से लगी सीढ़ीखड़ी दो पाँव परऊपर जाती नीचे आतीसीढ़ी चढ़नासीढ़ी उतरनाकरता निर्भरकहाँ खड़े हम।
January 13, 2021
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काव्य धारा
देश भक्ति काव्य लेखन प्रतियोगिता हेतु “हरियाणा गौरव गान”
हरियाणा गौरव गान (देशोsस्ति हरयाणाख्य: पृथ्व्यां स्वर्गसन्निभ:) कवि – जितेन्द्र सिंह वीर धरा म्हारा हरियाणा………….… कर्मठ निष्ठावान
January 13, 2021
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सूर्योपासना
प्रातःकाल में जो प्रतिदिन,प्रेरित कर हमें जगाता है।जिस सूरज के उग जाने से,अंधियारा दूर हो जाता है।।सब उत्साहित
January 13, 2021
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मुक्तक
January 13, 2021
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January 13, 2021
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