सीढ़ी
छत की दीवार से लगी सीढ़ी
खड़ी दो पाँव पर
ऊपर जाती
नीचे आती
सीढ़ी चढ़ना
सीढ़ी उतरना
करता निर्भर
कहाँ खड़े हम।
कुछ लोग
सीढी के सहारे
चढ़ जाते ऊपर
वहीं बस जाते
बहरे हो जाते
अंधे बन जाते
भूल जाते
सीढ़ी का होना
जिससे होकर
थे आए ऊपर।
पुरानी सीढ़ी
जर्जर
अपाहिज़
कंपित
भुला दिया जाता
उसका होना
उसके त्याग
उसका समर्पण
उसका बलिदान।
कवयित्री परिचय –
मीनाक्षी डबास “मन”
प्रवक्ता (हिन्दी)
राजकीय सह शिक्षा विद्यालय पश्चिम विहार शिक्षा निदेशालय दिल्ली भारत
माता -पिता – श्रीमती राजबाला श्री कृष्ण कुमार
प्रकाशित रचनाएं – घना कोहरा,बादल, बारिश की बूंदे, मेरी सहेलियां, मन का दरिया, खो रही पगडण्डियाँ l
उद्देश्य – हिन्दी भाषा का प्रशासनिक कार्यालयों की प्राथमिक कार्यकारी भाषा बनाने हेतु प्रचार – प्रसार
Last Updated on January 13, 2021 by mds.jmd
- मीनाक्षी डबास "मन"
- प्रवक्ता (हिन्दी)
- शिक्षा निदेशालय दिल्ली भारत
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- राजकीय सह शिक्षा विद्यालय पश्चिम विहार शिक्षा निदेशालय दिल्ली भारत







