Category: काव्य धारा
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November 25, 2020
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November 20, 2020
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बालगीत
नवनीत शुक्ल की कविता “कंप्यूटर”
मम्मी मुझे दिलवा दो कंप्यूटर,मिलता सारा ज्ञान इसके अंदर। ये स्पेलिंग भी सिखलाता है,डिक्शनरी भी दिखलाता है। पूछो
November 16, 2020
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नई कविता
मैं हिंदुस्तान हूँ
पर्वतराज हिमालय रक्षक, ऋषियों की संतान हूँवेद पुराण ऋचाएँ मुझमें,मानव संस्कृति की पहचान हूँहांँ, मैं हिंदुस्तान हूँ ,,,,,,,,
November 12, 2020
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November 7, 2020
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“एकान्त का प्रलाप”
“एकान्त का प्रलाप” विचार किया है मैंनेकई बार एकान्त मेंकि हमें आसपास जोलोग दिखते हैं शान्त सेहँसते हुए,
November 6, 2020
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November 4, 2020
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काव्य धारा
आओ मेघा
आओ मेघा डॉ. पोपट भावराव बिरारी (सहायक प्राध्यापक) कर्मवीर शांतारामबापू कोंडाजी वावरे कला, विज्ञान व वाणिज्य महाविद्यालय सिडको,
November 2, 2020
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