Category: काव्य धारा
Categories

नई कविता
गणतंत्र दिवस
*गणतंत्र दिवस मनायें* गणतंत्र दिवस मनायें,ये गणराज्य मुस्कुराये।पावन धरा ये है हमारी,इसको और जगमगायें।नदियां गाती कल-कल,चलो निर्मल इसे
January 26, 2021
No Comments

काव्य धारा
गणतंत्र दिवस पर सभी देशवासियों समर्पित “मेरा भारत”
मेरा भारत सब देशों से न्यारा भारत सबसे प्यारा हमारा भारतजन्म लिया देवों ने भारत मेंइतना मनमोहक सुंदर
January 25, 2021
No Comments

नई कविता
बेटी बिटिया
बेटी है दुनियां का नाजबेटी करती हर काज आजबेटी अरमानों का अवनिआकाश।। शिक्षित बेटी नैतिक समाजबेटी संरक्षण संरक्षित
January 24, 2021
No Comments

नई कविता
सवा लाख से एक लड़ाऊं तौ गुरु गोविंद सिंह नाम कहाऊँ
आहत होता युग संसयअन्धकार के अंधेरो मेंदम घुटता।।न्याय धर्म की सत्ता डगमग होताईश्वर का न्याय भरोसा युग जीवन
January 24, 2021
No Comments

नई कविता
सती शंकर भारतीय नाग संतो का बलिदान
कौन कहता है माँ भारती केसत्य सनातन का साधु संतधर्म कर्म साधना आराधना शास्त्रआचरण का सिर्फ प्रवचन सुनाते।।जब-
January 24, 2021
No Comments
नारी हूँ मैं…
महिला दिवस प्रतियोगिता हेतु कविता “नारी हूँ मैं…” एक मूक अभिव्यक्ति हूं मैं,खुद में सम्पूर्ण शक्ति हूं मैं,विश्वास
January 24, 2021
No Comments





