Category: काव्य धारा
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नवगीत (कहाँ गया सच्चा प्रतिरोध)
सुन ओ भारतवासी अबोध,कहाँ गया सच्चा प्रतिरोध? आये दिन करता हड़ताल,ट्रेनें फूँके हो विकराल,धरने दे कर रोके चाल,सड़कों
April 10, 2021
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क्षणिकाएँ (विडम्बना)
(1)झबुआ की झोंपड़ी परबुलडोजर चल रहे हैंसेठ जी कीनई कोठी जोबन रही है।** (2)बयान, नारे, वादेदेने को तोसारे
April 10, 2021
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