न्यू मीडिया में हिन्दी भाषा, साहित्य एवं शोध को समर्पित अव्यावसायिक अकादमिक अभिक्रम

डॉ. शैलेश शुक्ला

सुप्रसिद्ध कवि, न्यू मीडिया विशेषज्ञ एवं प्रधान संपादक, सृजन ऑस्ट्रेलिया

सृजन ऑस्ट्रेलिया | SRIJAN AUSTRALIA

विक्टोरिया, ऑस्ट्रेलिया से प्रकाशित, विशेषज्ञों द्वारा समीक्षित, बहुविषयक अंतर्राष्ट्रीय ई-पत्रिका

A Multidisciplinary Peer Reviewed International E-Journal Published from, Victoria, Australia

डॉ. शैलेश शुक्ला

सुप्रसिद्ध कवि, न्यू मीडिया विशेषज्ञ एवं
प्रधान संपादक, सृजन ऑस्ट्रेलिया

श्रीमती पूनम चतुर्वेदी शुक्ला

सुप्रसिद्ध चित्रकार, समाजसेवी एवं
मुख्य संपादक, सृजन ऑस्ट्रेलिया

आओ मेघा

Spread the love
image_pdfimage_print

आओ मेघा

 डॉ. पोपट भावराव बिरारी

(सहायक प्राध्यापक)

कर्मवीर शांतारामबापू कोंडाजी वावरे कला,

विज्ञान व वाणिज्य महाविद्यालय सिडको, नासिक

मो. नं. – 9850391121

ईमेल  – [email protected]

आओ मेघा

आओ मेघा, आओ मेघा

आ बरसो इस धरा पर

पेड़-पौधे, पंछी, प्राणी

ढूँढ रहे हैं राह पर ||

        कर दो मेघा यहाँ हरियाली

        बिछा दो गंध महकानेवाली

        खिला दो पेड़-पौधों को तुम

        दे दो उन्हें नई जिंदगानी ||

बहा दो अपनी स्वर्ण जलधारा

सजा दो इस संसार को

कोयल की कुक, मेढ़क की टर-टर

सुनने आओ इस धरा पर ||

       जल रही धरा विरहाग्नि में

       शांत करों तपन मिलन कृपा से

       जीवों के दाता, धरा के प्रियतम

       भक्षक न तुम रक्षक बन जाओ ||

नाँचती बिजलियों की वह कड़कड़ाहट

गरजते बादलों की वह गड़गड़ाहट

अपूर्व तेरी लीला देखने

विकल यह जीर्ण कलेवर ||

        याचक हम पतित हैं भारी

        दाता हो आप अनमोल श्रेष्ठ अवतारी

        कृपा तुमरी हम पर करदो, यहु तन हमरा

        अनमोल पावन जल-बूँदों धुलवादो ||

बन जाओ नदी-नालों की प्यासा

हरलो अकाल की तुम भाषा

महका दो तुम उन पुष्पों को

जो हैं सदा तुम पर न्योछावर ||

        खेत बोए बीजों को लहरादो

        अनाज राशी खलिहानों सजवादो

        भूलेंगे न उपकार तुमरा यह

        बस बन जाओ वरदानी वह || 

Last Updated on August 18, 2022 by popatbirari

  • डॉ. पोपट भावराव बिरारी
  • सहायक प्राध्यापक
  • मराठा विद्या प्रसारक समाज संस्था नासिक, महाराष्ट्र
  • [email protected]
  • मू/पोस्ट-कंधाणेे, तह-सटाणाा,जिला-नासिक, (महाराष्ट्र) 423301
Facebook
Twitter
LinkedIn

More to explorer

प्रतीकात्मक छवि

साहित्यिक पत्रिकाओं को प्रतिद्वन्द्विता की दौड़ से बाहर निकालकर एक परिवार बनाने का उपक्रम है यह सम्मेलन-डॉ विकास दवे

Spread the love

Spread the love Print 🖨 PDF 📄 eBook 📱 साहित्यिक पत्रिकाओं को प्रतिद्वन्द्विता की दौड़ से बाहर निकालकर एक परिवार बनाने का उपक्रम

प्रतीकात्मक छवि

मध्य प्रदेश संस्कृति विभाग के साहित्य अकादमी की ऐतिहासिक पहल की समीक्षा

Spread the love

Spread the love Print 🖨 PDF 📄 eBook 📱मध्य प्रदेश संस्कृति विभाग के साहित्य अकादमी की ऐतिहासिक पहल की समीक्षा साहित्यिक पत्रिकाओं

प्रतीकात्मक छवि

जरूरी और उपयोगी है संपादकीय कर्म की चुनौतियों पर प्रशिक्षण और संपादकों के बीच आपसी विमर्श – डॉ. शैलेश शुक्ला

Spread the love

Spread the love Print 🖨 PDF 📄 eBook 📱 जरूरी और उपयोगी है संपादकीय कर्म की चुनौतियों पर प्रशिक्षण और संपादकों के

Leave a Comment

error: Content is protected !!