मैं
*।।मैं।।*मैं चिर नवीन मैं अति प्राचीनमैं खुशमिज़ाज मैं ग़मशीन मुझमें यह संसार समाया हैंमुझसें मोह मोक्ष माया हैं मैं अस्तित्व हुँ , मैं व्यक्तित्व हुँमैं लघुत्व और मैं प्रभुत्व हुँ …
*।।मैं।।*मैं चिर नवीन मैं अति प्राचीनमैं खुशमिज़ाज मैं ग़मशीन मुझमें यह संसार समाया हैंमुझसें मोह मोक्ष माया हैं मैं अस्तित्व हुँ , मैं व्यक्तित्व हुँमैं लघुत्व और मैं प्रभुत्व हुँ …
वारिस की पहली फुहार में …………………………… जब से तुम परदेशी हो गये, खूब आते सुनहले सपने में, सजना,तुम अब होते दीदार, बस हमारे पलक झपकने में ।1। …
01 आ गया वसंत आ गया वसंत ! देखो फिर छा गया वसंत !! अब होगा कलरव चहूँ – दिशा में , वन – वन खिल जायेंगे फूल | जीवित …
01 आ गया वसंत, 02 बसंत बहार, 03 ऋतु परिवर्तन { प्रेम काव्य लेखन प्रतियोगिता } Read More »
——-“अलौकिक भूलोक”——- पर्वतों की श्रृंखलायें, गान गायें शान का प्रतीक वनस्पति बृक्षादि हैं, तेरे आत्मसम्मान का I तूफान शीत बरसात में भी, अडिग रहना धर्म है प्रदत्त जिनसे जल व …
मित्रो! जब जब राष्ट्र को विपत्ति का सामना करना पड़ता है एवं राष्ट्र शत्रु चतुर्दिशीय वार करने में कदाचित नहीं चूकते अपितु धोखाधड़ी का निरन्तर प्रयास करने में अपने को …
मित्रो! जब जब राष्ट्र को विपत्ति का सामना करना पड़ता है एवं राष्ट्र शत्रु चतुर्दिशीय वार करने में कदाचित नहीं चूकते अपितु धोखाधड़ी का निरन्तर प्रयास करने में अपने को …
कह दूँ क्या तुमसे मैं,कह ही दूँ क्या तुमसे मैं, कहना चाहूँ तुमसे मैं कह देती हूँ तुमसे मैं|| इस जीवन में चाहा जिसको बतलाती हूँ तुमसे मैं| पंख पसारे …
नए साल में बदलेंगे हालात भीक्या नए साल में?बनेंगी बिगड़ी बात भीक्या नए साल में?तारीखें बदलने से क्यादुख ;सुख में बदल जाते हैं?साल बदलने से क्याहाल भी बदल जाते हैं?बहलेंगे …
देश भक्ति काव्य प्रतियोगिता हालात ए वतन हालात ए वतन जब हम देखते हैदो बूंद पानी को पोछ लेते है लोग । हर कोई मशरूफ ज़िन्दगी की भागमभाग में होश …
हिंदीतर राज्य- कर्नाटक में हिंदी प्रचार– प्रसार के अग्रणी दिवंगत पंडित के.एस. वेंकटरामय्या(वेकटेश)- (13.03.1918 – 22.06.2008) विभिन्न क्षेत्रों में अपार साधना करनेवाले कई लोग हम लोगों के बीच …