न्यू मीडिया में हिन्दी भाषा, साहित्य एवं शोध को समर्पित अव्यावसायिक अकादमिक अभिक्रम

डॉ. शैलेश शुक्ला

सुप्रसिद्ध कवि, न्यू मीडिया विशेषज्ञ एवं प्रधान संपादक, सृजन ऑस्ट्रेलिया

सृजन ऑस्ट्रेलिया | SRIJAN AUSTRALIA

6 मैपलटन वे, टारनेट, विक्टोरिया, ऑस्ट्रेलिया से प्रकाशित, विशेषज्ञों द्वारा समीक्षित, बहुविषयक अंतर्राष्ट्रीय ई-पत्रिका

A Multidisciplinary Peer Reviewed International E-Journal Published from 6 Mapleton Way, Tarneit, Victoria, Australia

डॉ. शैलेश शुक्ला

सुप्रसिद्ध कवि, न्यू मीडिया विशेषज्ञ एवं
प्रधान संपादक, सृजन ऑस्ट्रेलिया

श्रीमती पूनम चतुर्वेदी शुक्ला

सुप्रसिद्ध चित्रकार, समाजसेवी एवं
मुख्य संपादक, सृजन ऑस्ट्रेलिया

Month: February 2021

image_pdfimage_print

बंटवारा

पंडित महिमा दत्त और लाला गजपति अपने खुराफाती दिमाग से गांव में अपना सिक्का चलाने की कोशिशों में लगे रहते गांव में नई पीढ़ी का पदार्पण हो चुका था जिसके …

बंटवारा Read More »

मोबाइल देवता

मोबाइल देवता   आज मोबाइल  संचार क्रांति का केंद्र हैं, जो दृश्य, श्रव्य चलचित्र है। जिसने पूरी दुनिया को संचार के माध्यम से मिला दिया। उदाहरणार्थ Covid 19 में पूरी …

मोबाइल देवता Read More »

“मुझे मेरा वो गाँव याद आता है”

    शीर्षक :-               “मुझे मेरा वो गाँव याद आता है” बरगद की छाँव में बैठ के बूट्टे खाना, संग दोस्तों के वहाँ  घंटों …

“मुझे मेरा वो गाँव याद आता है” Read More »

“मुझे मेरा वो गाँव याद आता है”

    शीर्षक :-               “मुझे मेरा वो गाँव याद आता है” बरगद की छाँव में बैठ के बूट्टे खाना, संग दोस्तों के वहाँ  घंटों …

“मुझे मेरा वो गाँव याद आता है” Read More »

रोटी बैंक छपरा के सेवा

  #एक_सेवा_ऐसा_भी  *नि:स्वार्थ भाव से भूखे को  भोजन कराते है*     भारत का एक राज्य है बिहार , जिसकी राजधानी है पटना। पटना के पास ही एक जिला है …

रोटी बैंक छपरा के सेवा Read More »

दोहा त्रयी :….आहट 

दोहा त्रयी :….आहट    हर आहट में आस है, हर आहट विश्वास।हर आहट की ओट में, जीवित अतृप्त प्यास।।   आहट में है ज़िंदगी, आहट में अवसान।आहट के परिधान में, …

दोहा त्रयी :….आहट  Read More »

जीने से पहले ……

जीने से पहले ……   मिट गईमेरी मोहब्बतख़्वाहिशों के पैरहन में हीजीने से पहले   जाने क्या सूझीइस दिल कोसंग से मोहब्बत करने कावो अज़ीम गुनाह कर बैठाअपने ख़्वाबों कोअपने …

जीने से पहले …… Read More »

सुशील सरना कृत ‘दोहा त्रयी’ – ‘वृद्ध’

चुटकी भर सम्मान को, तरस गए हैं वृद्ध । धन-दौलत को लालची, नोचें बन कर गिद्ध । । लकड़ी की लाठी बनी, वृद्धों की सन्तान । धू-धू कर सब जल …

सुशील सरना कृत ‘दोहा त्रयी’ – ‘वृद्ध’ Read More »

error: Content is protected !!