न्यू मीडिया में हिन्दी भाषा, साहित्य एवं शोध को समर्पित अव्यावसायिक अकादमिक अभिक्रम

डॉ. शैलेश शुक्ला

सुप्रसिद्ध कवि, न्यू मीडिया विशेषज्ञ एवं प्रधान संपादक, सृजन ऑस्ट्रेलिया

सृजन ऑस्ट्रेलिया | SRIJAN AUSTRALIA

6 मैपलटन वे, टारनेट, विक्टोरिया, ऑस्ट्रेलिया से प्रकाशित, विशेषज्ञों द्वारा समीक्षित, बहुविषयक अंतर्राष्ट्रीय ई-पत्रिका

A Multidisciplinary Peer Reviewed International E-Journal Published from 6 Mapleton Way, Tarneit, Victoria, Australia

डॉ. शैलेश शुक्ला

सुप्रसिद्ध कवि, न्यू मीडिया विशेषज्ञ एवं
प्रधान संपादक, सृजन ऑस्ट्रेलिया

श्रीमती पूनम चतुर्वेदी शुक्ला

सुप्रसिद्ध चित्रकार, समाजसेवी एवं
मुख्य संपादक, सृजन ऑस्ट्रेलिया

Month: September 2020

image_pdfimage_print

अजय कुमार पाण्डेय की नई कविता, इंतजार-आखिर कब तक,

मोमबत्ती हाथ में लेकर चले सब एक दिन, इक दर्द के साथ हम सब चले थे एक दिन। दुखी अनगिनत चेहरे, दर्द पारावार सा इक नए प्रारंभ का सब स्वप्न …

अजय कुमार पाण्डेय की नई कविता, इंतजार-आखिर कब तक, Read More »

जीवन रोशनी – मनोरंजन तिवारी

लौट जाती है, होठों तक आकर वो हर मुस्कुराहट जो तुम्हारे नाम होती है जो कभी तुम्हारी याद आते ही कई इंच चौडी हो जया करती थी उन्मुक्त हँसी, बेपरवाह …

जीवन रोशनी – मनोरंजन तिवारी Read More »

समर्पण – आदित्य तिवारी

ये जीवन जितनी बार मिले माता तुझको अर्पण है इस जीवन का हर क्षण ,हर पल माता तुझको अर्पण है। यही जन्म नहीं, सौ जन्म भी माता तुझ वारूँ मैं …

समर्पण – आदित्य तिवारी Read More »

पत्ते  – उत्तीर्णा धर 

      प्रथम में हल्का हरे रंग का लाल लाल जैसे हरियाली में ढल गया हो गुलाल l अति लघु लिए हैं शिशु का रूप निखरता है रंग जब …

पत्ते  – उत्तीर्णा धर  Read More »

स्वयंप्रभा : टीवी के माध्यम से घर बैठे ही होगी पढ़ाई – राहुल खटे

    जिस समय भारत में टीवी अया था तब इसे केवल मनोरंजन का साधन माना गया था। भारत में रामायण और महाभारत को देखने के लिए भारत के अधिकतर …

स्वयंप्रभा : टीवी के माध्यम से घर बैठे ही होगी पढ़ाई – राहुल खटे Read More »

रानू चौधरी की नई कविता, यक्ष प्रश्न

यक्ष प्रश्न किसानों की मुस्कराहट से लहराते हैं खेत खेतों के लहराने से मुस्कराता है पूरा देश | मुस्कान किसानों की क्यों जाती दिख रही हैं खेतों की हरियाली क्यों …

रानू चौधरी की नई कविता, यक्ष प्रश्न Read More »

हिंदी की वास्तविक व वर्तमान स्थिति

करोनाकाल ने हम सभी को सोचने के अनेक अवसर दिए हैं । मैंने भी कुछ समय से एक विषय पर काफ़ी विचार किया । वह था हिंदी की वास्तविक व …

हिंदी की वास्तविक व वर्तमान स्थिति Read More »

सपना की नई कविता ‘ मैं हूं भी बेरोजगार’

कितना मुश्किल करना है स्वीकार कि, हूँ मैं भी बेरोजगार। सत्य झुठलाया भी नहीं जा सकता  न ही इससे मुँह मोड़ सकती मैं परम् सत्य तो यही है  लाखों लोगों …

सपना की नई कविता ‘ मैं हूं भी बेरोजगार’ Read More »

तपते लोहे पर वक्त की सही चोट है हरियाणा में फिल्म सिटी का बनना….

  सामयिक आलेख: द गोल्डन टाइम सुशील कुमार ‘नवीन’ हरियाणा सरकार पिंजौर के पास फिल्मसिटी बनाने के लिए अब पूरे मूड में है। घोषणा तो दो साल पूर्व की है पर …

तपते लोहे पर वक्त की सही चोट है हरियाणा में फिल्म सिटी का बनना…. Read More »

नया वादा

*नया वादा* आख़िर कैसे नए वादों पर ए’तिबार किया जाएपुरानी साज़िशों को कैसे दरकिनार किया जाए। क़ातिल क़त्ल की ताक़ में ज़मानों से सोया नहींआख़िर सोए हुओं को कैसे होश्यार …

नया वादा Read More »

error: Content is protected !!