“देशभक्ति काव्य प्रतियोगिता” हेतु
“देशभक्ति काव्य प्रतियोगिता” हेतु देश का बेटा गैरों ने तो लूटा था, अपनों ने भी लूटा।मॉं से बिछड़े थे जो बच्चे, उन्होंने ही लूटा।ऐसे भी बच्चे थे मॉं के, अपने …
“देशभक्ति काव्य प्रतियोगिता” हेतु देश का बेटा गैरों ने तो लूटा था, अपनों ने भी लूटा।मॉं से बिछड़े थे जो बच्चे, उन्होंने ही लूटा।ऐसे भी बच्चे थे मॉं के, अपने …
“प्रेम काव्य – लेखन प्रतियोगिता” हेतु हमको भूला न पाओगे क्या भूल गए हमें?दिवाली के दीयों की रोशनी में हम है,उड़ती पतंग के साथ उड़नेवाली हवा में हम है,होली के …
कविता क्रमांक 1 शीर्षक- चाहत न वादे न कशमें न रस्मे बड़ी है| ना चाहत है ,छोटी ना मोहब्बत बड़ी है| हो तुम हमारे ,है हम भी तुम्हारे, बस दिल …
अंतरराष्ट्रीय प्रेम काव्य लेखन प्रतियोगिता हेतु कविता Read More »
कविता “वज़ूद “ न होते हुए भी तुम्हारा वज़ूद घेरे रहता है जैसे चंद्रमा को वलय घंटों चलता है मौन सन्लाप तुमसे निकल जाती हूं बहुत दूर तुम्हारे साथ किसी …
प्रेम काव्य लेखन प्रतियोगिता हेतु कविता–शीर्षक=”वज़ूद “ Read More »
कविता (1)”प्रेम की गहराई” यदि दिल की गहराइयों से प्यार करते हो मुझसे तो सोते फूटेंगे ज़रूर उन्हीं गहराइयों से बहेगा झरना झर-झर,कल-कल हर एक जलकण से जन्मेगा प्रेम मोती …
करुणा का भंडार गुरुसुखों का आधार गुरुज्ञान का विस्तार गुरुतेरी महिमा अपार गुरु जीवन के उद्धारक गुरुज्ञान के प्रसारक गुरुअंधकार के विनाशक गुरुआदर्शों के विचारक गुरु देते मृदुवाणी मुस्कान गुरुबनाते …
“अधखुली आंखों वाली” सुनिए..जीवन दर्शन मेंरिश्तों के अहमियत परक्या ख्याल है आपका..क्या सच में.. एक स्नेह पूर्ण जीवन जीने के लिएरिश्तों के विभिन्न आयामों केउपर गहन …
शीर्षक – ‘गणतन्त्र दिवस है आज भारत में’ गणतन्त्र दिवस है आज भारत में, राष्ट्र ध्वज का सब करें सम्मान। …
बेटी…!!! बेटे की चाह में देखो तो,कैसे बेटी वो छोड़ गए,मुख मयंक आभा से कैसे,वो क्रूर हृदय मुख मोड़ गए…! हरि इच्छा के जो है अधीन,वो भी तुमको स्वीकार नहीं,क्यूं …
महिला दिवस काव्य प्रतियोगिता हेतु…रचना शीर्षक ” बेटी “ Read More »
“तलाश” वे वक्त के साथ अपने आपको बदल लेते हैं | हम उनके भीतर झाँकते है | निहारते हैं उनकी परछाईयों को | उनके प्रेम कभी दिखते नहीं | हमें खोजते-खोजते …