क्यों पढ़े संस्कृत हम
देशभक्ति काव्य – लेखन प्रतियोगिता क्यों पढ़े संस्कृत हम ज्ञान की यह खानसंस्कृति की पहचानभाषाओं की जननीदेवभाषा है महान।गागर में सागर समाहितसदियों से यह आदृत।वेद ऋचाएँ गंगा – सीश्लोकों में …
देशभक्ति काव्य – लेखन प्रतियोगिता क्यों पढ़े संस्कृत हम ज्ञान की यह खानसंस्कृति की पहचानभाषाओं की जननीदेवभाषा है महान।गागर में सागर समाहितसदियों से यह आदृत।वेद ऋचाएँ गंगा – सीश्लोकों में …
जमी’ पे तारे जो झिलमिलाए कहो तो कैसी ये बात होगी , मेरे महल में जो चाँद उतरे …
मन महकने लगा, तन बहकने लगा कर दिया कोई जादू तेरे नाम ने, बंद सी आँख मेरी ये कहने लगी, तु जरूर आ गई है मेरे सामने। अब तलक …
हिन्दी : भारत का अभिमान ध्वज हिंदी का चूमता आसमान है अजय हिंदी यह भाषा महान है, पाणिनी की संस्कृत जन्मदात्री, पाली प्राकृत अपभ्रंश सखी समान है, देवनागरी लिपि ,शब्दों …
नारी जग की तारिणी नारी जग की तारिणी, नारी जग आधार।नारी जग की शक्ति है, नारी से संसार।।1।। नारी से ही है सुता, नारी से ही मात।नारी बहना रूप है, …
नारी नारी का सम्मान करो रे, करो नहीं उसका अपमान।ईश्वर की ये अनुपम रचना, मानव जीवन का वरदान।। अस्तित्व नहीं था लहरों का, जलधि यदि नहीं होता आज।शक्ति भक्ति जगत …
स्वरचित कविता (महिला काव्य प्रतियोगिता हेतु प्रेषित प्रविष्टि) शीर्षक-“जाग रहीआधीआबादी” जाग रहीआधीआबादी,दु:ख छिपकर अब सोता है। देश मेरा गर्वित है इनपर,सुख-स्वप्नों में खोता है ।। दिन चमकीले,रात सुहानी,घर-घर गूंजे यही …
महिला दिवस-2021,काव्य प्रतियोगिता हेतु प्रेषित मेरी प्रविष्टि(कविता) Read More »
“स्त्री जीवन का सफर” पलकों के झपकने में जितना वक्त लगता है उतना ही वक्त लगता है एक स्त्री की जिंदगी को मौत तक पहुँचने में देखिए जरा उसकी हत्या …
महिला दिवस काव्य प्रतियोगिता हेतु , “स्त्री जीवन का सफर” Read More »
*******************************हो जहाँ मरुथल वहाँ कश्तियाँ चलती नहीं हैं ।हों अपाहिज अश्व तो बग्गियाँ बढ़ती नहीं हैं ।।देख ले करके जतन स्वार्थ की इस जिन्दगी में ,हो भरी यदि रेत कर …
अंतर्राष्ट्रीय देश भक्ति काव्य लेखन प्रतियोगिता हेतु प्रस्तुत रचना देशभक्त मां**** छाती से आंचल लिपटाकर घूमूं सारे गांव रे।एक दिन आयेगा लाल मेरा मैं बैठी अपनी ठांव रे।रोज सबेरे सूरज …