न्यू मीडिया में हिन्दी भाषा, साहित्य एवं शोध को समर्पित अव्यावसायिक अकादमिक अभिक्रम

डॉ. शैलेश शुक्ला

सुप्रसिद्ध कवि, न्यू मीडिया विशेषज्ञ एवं प्रधान संपादक, सृजन ऑस्ट्रेलिया

सृजन ऑस्ट्रेलिया | SRIJAN AUSTRALIA

6 मैपलटन वे, टारनेट, विक्टोरिया, ऑस्ट्रेलिया से प्रकाशित, विशेषज्ञों द्वारा समीक्षित, बहुविषयक अंतर्राष्ट्रीय ई-पत्रिका

A Multidisciplinary Peer Reviewed International E-Journal Published from 6 Mapleton Way, Tarneit, Victoria, Australia

डॉ. शैलेश शुक्ला

सुप्रसिद्ध कवि, न्यू मीडिया विशेषज्ञ एवं
प्रधान संपादक, सृजन ऑस्ट्रेलिया

श्रीमती पूनम चतुर्वेदी शुक्ला

सुप्रसिद्ध चित्रकार, समाजसेवी एवं
मुख्य संपादक, सृजन ऑस्ट्रेलिया

Month: May 2021

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गधों की चिंता करना छोड़ें, अपने बारे में ही सोचें कुरड़ी पर लौटे बिना, उन्हें स्वाद थोड़े न आएगा..

सुशील कुमार ‘नवीन’ दो दिन पहले सोशल मीडिया पर पढ़े एक प्रसंग ने मन को काफी गुदगुदाया। आप भी जानें कि आखिर उसमें ऐसा क्या था कि उक्त प्रसंग, लेखन …

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प्री-बोर्ड

प्री-बोर्ड उर्मिला काफी देर से चम्मच को उल्टा सीधा करके देख रही थी और उसकी माँ सुधा उसे।उर्मिला अमूमन अल्हड़ स्वभाव का वर्ताव किया करती थी और सुधा को उसी …

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रोला छंद “शाम’

(रोला छंद) रवि को छिपता देख, शाम ने ली अँगड़ाई।रक्ताम्बर को धार, गगन में सजधज आई।।नृत्य करे उन्मुक्त, तपन को देत विदाई।गा कर स्वागत गीत, करे रजनी अगुवाई।। सांध्य-जलद हो …

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हरिराम भार्गव “हिन्दी जुड़वाँ” की दो कविताएं

1 एक बार तुम नदी बन जाना   बड़ी मासूम हैं  मन की हसरतें कभी कहती नहीं  सुनती भी नहीं पर बयां कर देती है दिल की सारी बातें फिर …

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अरमानों की गाँठ

  अरमानों की गाँठ (एक स्त्री का सामाजिक जीवन परिवार की जिम्मेदारियों के सान्निध्य में घिरा होता है, स्त्री अपने पारिवारिक सदस्यों के अरमानों  को सजाने के लिए निस्वार्थ लाभार्थी …

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प्रिय मैं तुमसे भिन्न हूँ कहाँ

प्रिय मैं तुमसे भिन्न हूँ कहाँ (प्रत्येक प्रियतमा अपने प्रियतम की छवि होती है, अपने प्रियतम में सागर की जल धारा बनकर संग -संग चलती है, इसी संदर्भ में प्रस्तुत …

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कौन दिसा के वासी तुम?

कौन दिसा के वासी तुम? [प्रियतम के दूर होने से मन की उत्कंठा भिन्न भिन्न रूपों में प्रियतम की कल्पना करता हुआ उदास है अर्थात् जीवन में जीवनसाथी की निकटता …

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ईश्वरः एक रूप अनेक …

ईश्वरः एक रूप अनेक … (अध्यात्म में ईश्वर के अनेक स्वरूप है और उन्हीं में ईश्वर का एक रूप कृष्ण के रूप में चर अचर जीव जंतु जड़ चेतन सभी …

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आँगन में खेलते बच्चे

आँगन में खेलते बच्चे आँगन में खेलते रंग-बिरंगे बच्चे,लगते कितने प्यारे कितने अच्छे !फूलों-सी मुस्कान है-चेहरों परऔर आँखों में भरे-सपने सच्चे । खेलते छुपन-छुपाई, पकड़म-पकड़ाई,गोपी चंदर ने इनकी ख़ुशी बढ़ाई;भले …

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