न्यू मीडिया में हिन्दी भाषा, साहित्य एवं शोध को समर्पित अव्यावसायिक अकादमिक अभिक्रम

डॉ. शैलेश शुक्ला

सुप्रसिद्ध कवि, न्यू मीडिया विशेषज्ञ एवं प्रधान संपादक, सृजन ऑस्ट्रेलिया

सृजन ऑस्ट्रेलिया | SRIJAN AUSTRALIA

विक्टोरिया, ऑस्ट्रेलिया से प्रकाशित, विशेषज्ञों द्वारा समीक्षित, बहुविषयक अंतर्राष्ट्रीय ई-पत्रिका

A Multidisciplinary Peer Reviewed International E-Journal Published from, Victoria, Australia

डॉ. शैलेश शुक्ला

सुप्रसिद्ध कवि, न्यू मीडिया विशेषज्ञ एवं
प्रधान संपादक, सृजन ऑस्ट्रेलिया

श्रीमती पूनम चतुर्वेदी शुक्ला

सुप्रसिद्ध चित्रकार, समाजसेवी एवं
मुख्य संपादक, सृजन ऑस्ट्रेलिया

Month: January 2021

image_pdfimage_print

सूर्योपासना

प्रातःकाल में जो प्रतिदिन,प्रेरित कर हमें जगाता है।जिस सूरज के उग जाने से,अंधियारा दूर हो जाता है।।सब उत्साहित हो-होकर,आगे बढ़ने को मचलते हैं।नीड़ छोड़कर डालों पर,पक्षी भी कलरव करते हैं।। …

सूर्योपासना Read More »

लोहड़ी का त्यौहार

लोहड़ी का त्यौहार आया आज लोहड़ी का त्यौहार हैसबके दिलों में खिली कैसी बहार हैढोल नगाड़े पर थिरक रहा है कोईकोई गा रहा मधुर गीतों के गान है तिल में …

लोहड़ी का त्यौहार Read More »

त्योहार परम्परा

त्योहार परम्परा… “अरे! यहाँ तो आज सुबह से बच्चे लोहड़ी मांगने ही नहीं आए| मैं तो बच्चों को पंजाब में लोहड़ी कैसे मनाते हैं, दिखाने लाई थी” सिमरन बोली| “इंग्लैंड …

त्योहार परम्परा Read More »

महिला दिवस काव्य प्रतियोगिता हेतु कविता – निर्भया भविष्य की

कविता – 1 सास-ससुर-माँ-बाप रखने की चीज हैं? एक दिन मेरी शादी शुदा सहेली ने बातों-बातों में मुझसे कहा कि मैं अपने सास-ससुर को रखे हूँ इतनी बड़ी जिम्मेदारी उठा …

महिला दिवस काव्य प्रतियोगिता हेतु कविता – निर्भया भविष्य की Read More »

जीवन और मौत में अंतर

         जीवन और मौत का अंतर  मैंने मौत को बहुत पास देखा,  हिल गई मेरे जीवन की रेखा,  वह अद्भुत विलक्षण क्षण , सचमुच प्रलयंकारी था, मुझे …

जीवन और मौत में अंतर Read More »

अन्तर्राष्ट्रीय कवि सम्मेलन

“हे नारी! हे सदा सबल!” (शीर्षक) हे नारी!अब रूप धरोदुर्गा, काली, शतचंडी का,जग के असुरों का नाश करोसंहार करो पाखंडी का।तुम बन महिषासुरमर्दिनी,विनाशिनी हे कपिर्दिनी।जग में असंख्य हैं रक्तबीजव शुम्भ …

अन्तर्राष्ट्रीय कवि सम्मेलन Read More »

भारत

जो जन्म लिया इस धरती पर तो प्राण यहीं न्योछावर होसीचकर धरती लहु से अपना हर वीर यहाँ बख्तावर हो । गंगा जमुना तहजीब धरे,स्वर्णिम भारत ललकार रहा संस्कृतियों का …

भारत Read More »

“महिला दिवस काव्य प्रतियोगिता हेतु कविता

“महिला दिवस काव्य प्रतियोगिता हेतु कविता   मुझे नहीं बनना है अब देवी कोई   मुझे नहीं बनना है अब देवी कोई,  मुझे तुम साधारण ही रहने दो, तुम तो …

“महिला दिवस काव्य प्रतियोगिता हेतु कविता Read More »

आखिरी मुहब्बत

मेरे नसीब के हर एक पन्ने परमेरे जीते जी या मेरे मरने के बादमेरे हर इक पल हर इक लम्हे मेंतू लिख दे मेरा उसे बस,हर कहानी में सारे क़िस्सों …

आखिरी मुहब्बत Read More »

error: Content is protected !!