नन्हीं का प्रश्न।
महिला दिवस काव्य प्रतियोगिता हेतु प्रस्तुति- नन्हीं का प्रश्न। मैं तेरी नन्हीं सी गुड़िया मैं झप्पी जादू की पुड़िया कोख तिहारे मैं आई हूँ लाखों …
महिला दिवस काव्य प्रतियोगिता हेतु प्रस्तुति- नन्हीं का प्रश्न। मैं तेरी नन्हीं सी गुड़िया मैं झप्पी जादू की पुड़िया कोख तिहारे मैं आई हूँ लाखों …
प्रेम आधारित काव्य प्रतियोगिता हेतु अंतिम तिथि-20 जनवरी प्रीत के आँगन में। शीतल चंचल मधुर चाँदनी भावों को महकाती है जब जब देखूँ रूप सुनहरा हिय में …
– विश्व लाड़ली विश्व कि तुम लाड़ली हो!जगत कि कल्याणी हो!!इस जगत में सताई हो! फिर भी समाज को बचाई हो!! अपने ही जगत में लाड़ली!प्रेम व्यावहार कि पराई हो!!फिर …
महिला दिवस काव्य प्रतियोगिता हेतु कविता – विश्व लाड़ली Read More »
कविता – विश्व लाड़ली विश्व कि तुम लाड़ली हो!जगत कि कल्याणी हो!!इस जगत में सताई हो! फिर भी समाज को बचाई हो!! अपने ही जगत में लाड़ली!प्रेम व्यावहार कि पराई …
ऐ मेरे वतन ——|| मैं आजाद हूँ, मगर आज भी, वक्त की तलहटी पर, नजरें टिकाए बैठा हूँ ऐ वतन तुझको मैं, अपनी दुनिया बनाएं बैठा हूँ अब …
जन्मदात्री शक्ति दायनी मां जीवन की झंकार है, मां जीवन की आधार मां में सिमटा सारा संसार है। जीवन की मां पहली मूरत निस्वार्थ भाव की संदर्भ है, पालन-पोषण करने …
महिला दिवस काव्य लेखन प्रतियोगिता “माँ जीवन की आधार” Read More »
सशक्तिकरण की जयकारों से गूंजेगी मां वसुंधरा, दुर्गा स्वरूपा शक्ति दायनी की चर्चाओं से अंर्तमन मेरा पूछ पड़ा, वेदों में पुराणों में महिमा नारी की गाते हो, गर्भ में कन्या …
महिला दिवस काव्य लेखन प्रतियोगिता “बचा लो बेटी का सम्मान” Read More »
कविता*जय भारत , जय भारती* खाते हैं जिस देश कागाते है उसी देश काक्योंकि यह धरती हमारी माता हैजय भारत , जय भारतीसिवा मुझे नहीं कुछ आता है कल-कल बहती …
अरुण कमल वरिष्ठ अनुवाद अधिकारी रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन मुख्यालय डीआरडीओ भवन राजाजी मार्ग नई दिल्ली-110011 मो -9811015727 [email protected] देश भक्ति काव्य प्रतियोगिता के लिए दो कविताएँ …
तन वतन के लियेमन वतन के लिएभाव भावनाए वतन का प्रवाहवतन ही जिंदगी वतन ही पहचान ।।वतन पर जीना मरना ही ख्वाब हकीकत अरमान वतन सलामत रहे वतन से ही …