न्यू मीडिया में हिन्दी भाषा, साहित्य एवं शोध को समर्पित अव्यावसायिक अकादमिक अभिक्रम

डॉ. शैलेश शुक्ला

सुप्रसिद्ध कवि, न्यू मीडिया विशेषज्ञ एवं प्रधान संपादक, सृजन ऑस्ट्रेलिया

सृजन ऑस्ट्रेलिया | SRIJAN AUSTRALIA

विक्टोरिया, ऑस्ट्रेलिया से प्रकाशित, विशेषज्ञों द्वारा समीक्षित, बहुविषयक अंतर्राष्ट्रीय ई-पत्रिका

A Multidisciplinary Peer Reviewed International E-Journal Published from, Victoria, Australia

डॉ. शैलेश शुक्ला

सुप्रसिद्ध कवि, न्यू मीडिया विशेषज्ञ एवं
प्रधान संपादक, सृजन ऑस्ट्रेलिया

श्रीमती पूनम चतुर्वेदी शुक्ला

सुप्रसिद्ध चित्रकार, समाजसेवी एवं
मुख्य संपादक, सृजन ऑस्ट्रेलिया

Spread the love
image_pdfimage_print

रानू चौधरी की नई कविता, यक्ष प्रश्न

यक्ष प्रश्न किसानों की मुस्कराहट से लहराते हैं खेत खेतों के लहराने से मुस्कराता है पूरा देश | मुस्कान किसानों की क्यों जाती दिख रही हैं खेतों की हरियाली क्यों

Read More »

सपना की नई कविता ‘ मैं हूं भी बेरोजगार’

कितना मुश्किल करना है स्वीकार कि, हूँ मैं भी बेरोजगार। सत्य झुठलाया भी नहीं जा सकता  न ही इससे मुँह मोड़ सकती मैं परम् सत्य तो यही है  लाखों लोगों

Read More »

तपते लोहे पर वक्त की सही चोट है हरियाणा में फिल्म सिटी का बनना….

  सामयिक आलेख: द गोल्डन टाइम सुशील कुमार ‘नवीन’ हरियाणा सरकार पिंजौर के पास फिल्मसिटी बनाने के लिए अब पूरे मूड में है। घोषणा तो दो साल पूर्व की है पर

Read More »

नया वादा

*नया वादा* आख़िर कैसे नए वादों पर ए’तिबार किया जाएपुरानी साज़िशों को कैसे दरकिनार किया जाए। क़ातिल क़त्ल की ताक़ में ज़मानों से सोया नहींआख़िर सोए हुओं को कैसे होश्यार

Read More »

ड्रामेबाजी छोड़ें, मन से स्वीकारें हिंदी – सुशील कुमार ‘नवीन’

          रात से सोच रहा था कि आज क्या लिखूं। कंगना-रिया प्रकरण ‘ पानी के बुलबुले’ ज्यों अब शून्यता की ओर हैं। चीन विवाद ‘ जो

Read More »

रेलवे का निजीकरण एक विमर्श

*रेलवे का निजीकरण एक विमर्श*कोई भी राष्ट्र मात्र भौगलिक इकाई नहीं है। राष्ट्र एक जीवंत इकाई है, जहां करोड़ों लोग वास करते हैं । जी हां आज हम ट्रेन की

Read More »

कुंडलिया

  कुण्डलिया हिन्दी को अपनाइए, जनता की यह मांग ।यही राष्ट्र भाषा बने,नही अड़ायें टांग ।नही अड़ायें टांग, देश हित में यह भाषा, ।बचे मान सम्मान, राष्ट्र हित में है

Read More »

पुरातन शिक्षा संस्कृति व संस्कार

  भारतीय संस्कृति में संस्कारों का महत्वपूर्ण स्थान है ।समाज में पुरुष प्रधान व्यवस्था होने के उपरांत भी, महिलाओं को बराबरी का दर्जा एवं बराबर का सम्मान देने की प्रथा

Read More »

ओज़ी स्टाइल में विनोद – हरिहर झा 

ऑस्ट्रेलिया के लोगों का हास्य और विनोद इतना अज़ीब और अनोखा  है जिसका जवाब नहीं । बील लीक को जब पता चला कि उसका दोस्त किसी दुर्घटना में जख़्मी हो

Read More »

गोधूलि – राकेश रंजन

हाथों में माई ले आँचल का कोर तुलसी चौरे की वो दीपक बाती तेल सराबोर नारंगी साँझ की सिन्दूरी सी नभ में घर लौटती चिड़ियों के झुण्डों का शोर पैरों

Read More »
error: Content is protected !!