न्यू मीडिया में हिन्दी भाषा, साहित्य एवं शोध को समर्पित अव्यावसायिक अकादमिक अभिक्रम

डॉ. शैलेश शुक्ला

सुप्रसिद्ध कवि, न्यू मीडिया विशेषज्ञ एवं प्रधान संपादक, सृजन ऑस्ट्रेलिया

सृजन ऑस्ट्रेलिया | SRIJAN AUSTRALIA

विक्टोरिया, ऑस्ट्रेलिया से प्रकाशित, विशेषज्ञों द्वारा समीक्षित, बहुविषयक अंतर्राष्ट्रीय ई-पत्रिका

A Multidisciplinary Peer Reviewed International E-Journal Published from, Victoria, Australia

डॉ. शैलेश शुक्ला

सुप्रसिद्ध कवि, न्यू मीडिया विशेषज्ञ एवं
प्रधान संपादक, सृजन ऑस्ट्रेलिया

श्रीमती पूनम चतुर्वेदी शुक्ला

सुप्रसिद्ध चित्रकार, समाजसेवी एवं
मुख्य संपादक, सृजन ऑस्ट्रेलिया

कुंडलिया

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कुण्डलिया

हिन्दी को अपनाइए, जनता की यह मांग ।
यही राष्ट्र भाषा बने,नही अड़ायें टांग ।
नही अड़ायें टांग, देश हित में यह भाषा, ।
बचे मान सम्मान, राष्ट्र हित में है आशा ।
करिये इस पर गौर, न हो अब छल जयचन्दी।
लाकर अध्यादेश, अभी अपनाये हिन्दी।

 

 सहमत हो सब राज्य ।– कुण्डलिया

सहमत हो सब राज्य मिल, आवश्यक यह कार्य ।
पूर्ण राष्ट्र भाषा बने, हिन्दी ही स्वीकार्य ।
हिंदी ही स्वीकार्य, राष्ट्र अपना ये माने ।
प्रजातंत्र आधार, इसी को दिल से जाने ।
कह प्रवीण कविराय, बने संसद में जनमत ।
हिंदी को दे मान, राज्य सारे हों सहमत ।

डा प्रवीण कुमार श्रीवास्तव ।

मित्रों सादर समर्पित है कुण्डलिया

भाषा चुनिए वोट से,लोक तंत्र दरबार ।
डाले मत अपना सभी, प्रजातंत्र आधार ।
प्रजातंत्र आधार, अधूरी सबकी आशा।
हिंदी भाषा बने, राष्ट्र भारत की भाषा ।
कह प्रवीण कविराय, लोक नायक से आशा।
हिंदी चुनकर बने, आज भारत की भाषा

डा प्रवीण कुमार श्रीवास्तव, सीतापुर

Last Updated on September 12, 2020 by drpraveenkumar.00

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