रफ़ीक ऐसा नहीं था…
लगभग तीन वर्षों के बाद मैं रीवगंज गई थी। रीवगंज से मेरा परिचय हमारे विवाहोपरांत पतिदेव ने ही करवाया था। प्रकृति का समूचा आशीर्वाद मानो इस नन्हे से आँगन में …
लगभग तीन वर्षों के बाद मैं रीवगंज गई थी। रीवगंज से मेरा परिचय हमारे विवाहोपरांत पतिदेव ने ही करवाया था। प्रकृति का समूचा आशीर्वाद मानो इस नन्हे से आँगन में …
कहानी- डिवाइडररात के अंधकार में रिमझिम बारिश की फुहार पड़ रही थी। एक वृद्धा अपने आप को समेटे डिवाइडर पर विराजमान थी। कहा गया है ,कि, जीवन का आवागमन मोक्ष …
*तुम्हारे गीत मेरी आवाज़*विधा : कविता कभी गमो का साया भीनहीं पड़े तुम पर। खुशी की गीत गाओउदासियों की महफ़िल में। बहुत सुकून मिलेगामायूसो के चेहरे पर। महफ़िल में रोनक …
प्रेम का आधार मेरे प्यार के सपनों की दुनिया में, तुम आकर तो देखो ।ना जाने क्यों इतने दूर हो, मेरी बाहों में समाकर तो देखो ।बहुत सहली दूरियाँ, मुलाकातों …
अंतरराष्ट्रीय “प्रेम-काव्य लेखन प्रतियोगिता” “प्रेम का आधार” Read More »
सबसे सुन्दर सर्वोपरि हो,सकल गुणों की खान हो।सबसे ऊंचा कद तुम्हारा,तीन लोक में महान हो।।धैर्य तो है धरती के जैसा, क्षमाशील हो नामी।सर्व गुण सम्पन्न हो नारी, कछु नहीं है …
दिल पर रंग चढ़ा कर देखो,गीत लबों पर ला कर देखो।दुनियां दारी यूँ ही चलेगी,दिल अपना बहला कर देखो। पशोपेस में उम्र गुज़री,दिल तो ज़रा लगा कर देखो।मीत मिला …
*अंतरराष्ट्रीय “प्रेम-काव्य लेखन प्रतियोगिता”* शीर्षक : ” बसन्त “ होने लगा है जिस पल से मुझकोखुद में तेरे होने का एहसास।मैं खो सी गई । मैं,मैं न रही ,बस …
विषय:- प्रेम-काव्य लेखन प्रतियोगिता हेतुकविता:- बात उन दिनों की थी ——————————————————बात उन दिनों की थीजब मैं पहेली बार तुझसे मिलने को आयाथोड़ा सरमाया थोड़ा घबरायातू थोड़ा सा बेताब सी थीमुझसे …
विषय:- प्रेम-काव्य लेखन प्रतियोगिता हेतु कविता:- बात उन दिनों की थी Read More »