ए ज़िंदगी तू ही बता मुझको…
ए ज़िंदगी तू ही बता मुझकोऔर कितने इम्तिहान बाक़ी हैं, ** तेरे मयख़ाने में, मैं ही अकेला हूँ …
ए ज़िंदगी तू ही बता मुझकोऔर कितने इम्तिहान बाक़ी हैं, ** तेरे मयख़ाने में, मैं ही अकेला हूँ …
फूल-फूल पर ! फूल-फूल पर लिखी है बात,मनभावन सूरत उसके पास ।आया सावन बरसे बदरा,ओड़ कर आई काली चदरा ।।उड़ी फुहार भीगी कलियां,उड़ी सुगन्ध महके अंगना ।भौंरों का …
अपना कौन ?——————-आज ही 10 बजे से बी.एड का पेपर है और साथ में नन्हे-नन्हे दो बच्चे और बुआ जी ने घर छोड़ने का अल्टीमेटम दे दिया कि “अभी घर …
103 साल के युवा : हमारे गोखले बुवा महाराष्ट्र की सांस्कृतिक राजधानी एवं ऐतिहासिक शहर पुणे के भी हर पुराने शहर की तरह दो चेहरे हैं, एक पुराना और …
भीगी पलकें , स्वप्न अधूरे ,किंतु निराशा में हो आशा,यही जगत की है परिभाषा ! कभी मार खाकर मौसम की ,दीपक एक हुआ बुझने को ,पर उसके मन के साहस …
स्वामी विवेकानंद दीन- हीन के उत्थान पथ पर, जग जीवन को किए उजागर। भारतीय संस्कृति के निकुंज, सकारात्मकता का साकार पुंज। राष्ट्र प्रेम का स्रोत और गुणी, विवेक …
ज़िंदगी में जो पढ़ा है,सब निरर्थक जान पड़ता,आचरण के पाठ सारे,पाठ्यक्रम से हट गये हैं ! रीढ़ पर अपनी खड़े होकर चले ,रात को हम दिन भला कैसे लिखें,मापदण्डों पर …
[ जो बेडेन के सामने बराक ओबामा की बजाय चुनौतियां बहुत कम है. पिछले चार साल की कमियों को पूरा करना ही उनका लक्ष्य होगा. इंडो-पेसिफिक संबंधों पर जोर, इंटरनेशनल संस्थाओं में सक्रियता, जलवायु एवं पर्यावरण के मुद्दों पर बातचीत एवं सभी अमेरिकियों को साथ लेकर चलना उनके सामने बड़ी चुनातियाँ होगी. संयुक्त राज्य अमेरिका के 46 वें राष्ट्रपति के रूप में शपथ लेने वाले जॉ बिडेन के साथ डेमोक्रेटिक सूरज ने आखिरकार ट्रम्प प्रशासन पर कब्जा कर लिया है. नई दिल्ली अगले कुछ हफ्तों तक वाशिंगटन पर कड़ी नजर रखने जा रही है ताकि यह समझ सके कि भारत-अमेरिका के संबंध कैसे आकार लेंगे.]
परिधि चक्कर लगाती रही वह बचपन से ही गोल गोल परिधि के भीतरपृथ्वी की तरह लगातार कभी कभी अनजाने मेंकभी कभी जानबूझकर कभी कभी जबरदस्ती परिधि बदलती रहीपरिधि के निर्माता …
परिधि चक्कर लगाती रही वह बचपन से ही गोल गोल परिधि के भीतरपृथ्वी की तरह लगातार कभी कभी अनजाने मेंकभी कभी जानबूझकर कभी कभी जबरदस्ती परिधि बदलती रहीपरिधि के निर्माता …