न्यू मीडिया में हिन्दी भाषा, साहित्य एवं शोध को समर्पित अव्यावसायिक अकादमिक अभिक्रम

डॉ. शैलेश शुक्ला

सुप्रसिद्ध कवि, न्यू मीडिया विशेषज्ञ एवं प्रधान संपादक, सृजन ऑस्ट्रेलिया

सृजन ऑस्ट्रेलिया | SRIJAN AUSTRALIA

विक्टोरिया, ऑस्ट्रेलिया से प्रकाशित, विशेषज्ञों द्वारा समीक्षित, बहुविषयक अंतर्राष्ट्रीय ई-पत्रिका

A Multidisciplinary Peer Reviewed International E-Journal Published from, Victoria, Australia

डॉ. शैलेश शुक्ला

सुप्रसिद्ध कवि, न्यू मीडिया विशेषज्ञ एवं
प्रधान संपादक, सृजन ऑस्ट्रेलिया

श्रीमती पूनम चतुर्वेदी शुक्ला

सुप्रसिद्ध चित्रकार, समाजसेवी एवं
मुख्य संपादक, सृजन ऑस्ट्रेलिया

“प्रेम काव्य लेखन प्रतियोगिता” हेतु कविता।

Spread the love
image_pdfimage_print

एहसास

मन भावों को कैसे उकेरूं,

शब्द नहीं हैं पास मेरे,

कैसे गढ़ू मैं चित्र घनेरे,

रंग नहीं हैं पास मेरे।

 

एहसासों के बादल बरसें,

चढ़े रंग तेरे प्यार का,

भीनी-भीनी खुशबू फैले,

मौसम हो यह बहार का।

स्नेह-शिला पर प्रकृति बैठी,

करती हो श्रृंगार रे,

आलिंगन में भरके मुझको,

देती चुम्बन-हार रे।

 

यादों की इस बेला में,

शाम सुहानी लगती है,

मध्धम सी दीपक की लौ,

अनकही कहानी कहती है।

जीवन की आपा-धापी में,

कब हो जाये प्यार रे,

मिलने की मैं आश करूँ,

अवलम्ब नहीं है पास रे।

नवल किशोर गुप्त

वाराणसी

मो 7752800641

 

Last Updated on January 21, 2021 by replytonawal

  • नवल किशोर गुप्त
  • मुख्य प्रशिक्षक
  • बनारस रेल इंजन कारखाना, वाराणसी
  • [email protected]
  • N-6/2B-49 इन्दीरा नगर कालोनी, चितईपुर, वाराणसी-221005 उ.प्र. भारत
Facebook
Twitter
LinkedIn

More to explorer

Leave a Comment

error: Content is protected !!