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डॉ. शैलेश शुक्ला

सुप्रसिद्ध कवि, न्यू मीडिया विशेषज्ञ एवं प्रधान संपादक, सृजन ऑस्ट्रेलिया

सृजन ऑस्ट्रेलिया | SRIJAN AUSTRALIA

विक्टोरिया, ऑस्ट्रेलिया से प्रकाशित, विशेषज्ञों द्वारा समीक्षित, बहुविषयक अंतर्राष्ट्रीय ई-पत्रिका

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डॉ. शैलेश शुक्ला

सुप्रसिद्ध कवि, न्यू मीडिया विशेषज्ञ एवं
प्रधान संपादक, सृजन ऑस्ट्रेलिया

श्रीमती पूनम चतुर्वेदी शुक्ला

सुप्रसिद्ध चित्रकार, समाजसेवी एवं
मुख्य संपादक, सृजन ऑस्ट्रेलिया

छेडना था : बस यूँ ही

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तुमने  ये गजरे कयूॅ नहीं लगाये,

चंदन सा बदन क्यो नहीं महका,

ये जुलफें वैसे कयूॅ नहीँ बलखाई,

तेरा चितचोर इसलिए नहीं बहका,

ऐ!इत्ती सी बात पर तुम रूठी मुझसे,

छेडना था मुझे बस यूँ ही कह दिया।1।

        तेरी हर अदा पे तो गुलिस्ताॅ कुरबाॅ है,

        हर डाल पर सारे बुलबुल मेहरबाँन है,

         गेसुएॅ लहराती तो ये कहर बरपाती, 

        हम कयूॅ झाँकते फिर अपनी गिरेबाॅ है,

         ऐ! इत्ती सी बात पर तुम रूठी मुझसे,

        छेडना था मुझे  बस यूँ ही  कह दिया ।2।

बरखा की बूंदो से,सिहरता है ये मन,

हरे भरे सावन में, दमकता तेरा दामन,

पानी की फुहार, जब छेडते तेरा बदन,

हवा के बहाव में बहके तब मेरा कदम,

ऐ! इत्ती सी बात पर तुम रूठी मुझसे,

छेडना था मुझे, बस यूँ ही  कह दिया ।3।

 

Last Updated on January 6, 2021 by opgupta.kdl

  • ओमप्रकाश गुप्ता
  • अवकाश प्राप्त प्रवक्ता गणित
  • बैलाडिला
  • [email protected]
  • DS/596,BARASA COLONY, Near Millennium park, Kirandul, Chhattisgarh-494556
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