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डॉ. शैलेश शुक्ला

सुप्रसिद्ध कवि, न्यू मीडिया विशेषज्ञ एवं प्रधान संपादक, सृजन ऑस्ट्रेलिया

सृजन ऑस्ट्रेलिया | SRIJAN AUSTRALIA

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डॉ. शैलेश शुक्ला

सुप्रसिद्ध कवि, न्यू मीडिया विशेषज्ञ एवं
प्रधान संपादक, सृजन ऑस्ट्रेलिया

श्रीमती पूनम चतुर्वेदी शुक्ला

सुप्रसिद्ध चित्रकार, समाजसेवी एवं
मुख्य संपादक, सृजन ऑस्ट्रेलिया

कैसे प्रिय पर अधिकार करूं…??

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रचना शीर्षक :
” कैसे प्रिय पर अधिकार करूं : एक अन्तर्द्वन्द “
________________________________________

तुम प्रेम गीत का राग चुनो,
मैं कर्कश ध्वनि विस्तार करूं,
प्रणय मिलन कैसे हो फिर,
कैसे प्रिय पर अधिकार करूं…!

मधुर मिलन की बेला में,
तुम चन्द्र सदृश दैदीप्यमान,
मेरे मुख का सब तेज क्षीण,
कैसे प्रिय से अभिसार करूं…!

तुम विवश हृदय से प्रेम सुमन,
अर्पित करके कर्तव्य मुक्त,
मैं अविरल प्रेम की अभिलाषा ले,
कैसे प्रिय का प्रतिकार करूं…!

द्वय भाव लिए तुम उन्मुख हो,
अनुतप्त हृदय और मुख प्रसन्न,
अभिनय मुझमें कण मात्र नहीं,
कैसे प्रिय से व्यवहार करूं…!

परिणय विधान है सृष्टि का,
मन से मन का जब मिलन पूर्ण,
बंधन तन का, परिणय नहीं,
कैसे यह भाव प्रसार करूं…!

है द्वंद मेरे अंतर्मन में,
मैं दोष मुक्त या दोष युक्त,
पर तेरा कोई दोष नहीं,
कैसे प्रिय का परिहार करूं…!

कर्तव्य बोध की मर्यादा में,
बरबस बंधक तुम बन बैठे,
मैं भी तो स्वार्थ के वशीभूत,
कैसे प्रिय से प्रतिसार करूं…!
कैसे प्रिय पर अधिकार करूं…!!

सादर🙏

Last Updated on January 22, 2021 by rtiwari02

  • ऋषि देव तिवारी
  • सहायक प्रबंधक
  • भारतीय स्टेट बैंक
  • [email protected]
  • L-4, NAI BASTI RAMAI PATTI MIRZAPUR UTTAR PRADESH BHARAT PIN 231001
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1 thought on “कैसे प्रिय पर अधिकार करूं…??”

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