न्यू मीडिया में हिन्दी भाषा, साहित्य एवं शोध को समर्पित अव्यावसायिक अकादमिक अभिक्रम

डॉ. शैलेश शुक्ला

सुप्रसिद्ध कवि, न्यू मीडिया विशेषज्ञ एवं प्रधान संपादक, सृजन ऑस्ट्रेलिया

सृजन ऑस्ट्रेलिया | SRIJAN AUSTRALIA

विक्टोरिया, ऑस्ट्रेलिया से प्रकाशित, विशेषज्ञों द्वारा समीक्षित, बहुविषयक अंतर्राष्ट्रीय ई-पत्रिका

A Multidisciplinary Peer Reviewed International E-Journal Published from, Victoria, Australia

डॉ. शैलेश शुक्ला

सुप्रसिद्ध कवि, न्यू मीडिया विशेषज्ञ एवं
प्रधान संपादक, सृजन ऑस्ट्रेलिया

श्रीमती पूनम चतुर्वेदी शुक्ला

सुप्रसिद्ध चित्रकार, समाजसेवी एवं
मुख्य संपादक, सृजन ऑस्ट्रेलिया

काव्य सागर -6

Spread the love
image_pdfimage_print

जगत माँ

जग जननी
दुःख हरणी ,मंगल करनी तू तारण
हारी तू सकल जगत संसार माँ।।
दुष्ट विनासक, भय भव भंजक
पल, प्रहर अविरल युग प्रवाह माँ।।
जग जननी तू सकल जगत संसार माँ।।
पाप विनासनी मोक्ष दायनी
जगत कल्याणी युग गति व्यवहार माँ।
जग जननी तू सकल जगत संसार माँ।।
अपराध क्षामं करती चाहे जो भी
गलती तेरी ही संतान युग संसार माँ
माँ तेरी महिमा ब्रह्मा ,विष्णु, शंकर
गाये तेरी महिमा अपरंपार माँ।।
जग जननी तू सकल जगत संसार माँ।।
देवोँ की देवी स्वर्ग ,नर्क उद्धार माँ
धन ,बैभव ,शुख संपत्ति दाता
तुझे नित दिन जो धावे तेरा ही ध्यान लगाएं सकल मनोरथ पावे।
भव सागर से तू ही करती बेड़ा पार माँ।।
स्वांस प्राण आधार माँ
जग जननी तू सकल जगत आधार माँ।।
भक्तो की शक्ति तू अवनि आकाश
ब्रह्मांड माँ जग जननी तू सकल जगत
संसार माँ।।
तू पार्वती राधा ,रुक्मणि अर्धनारीश्वर
ईश्वर की श्रृंगार माँ जग जननी तू सकल जगत संसार माँ।।
तू माता ममता तेरा आँचल हम बालक
नादान माँ जग जननी तू सकल जगत
संसार माँ।।

नंदलाल मणि त्रिपाठी पीताम्बर उत्तर प्रदेश

Last Updated on April 4, 2022 by nandlalmanitripathi

  • Nandlaltripathi
  • प्राचार्य
  • भारतीय जीवन बीमा निगम
  • [email protected]
  • C-159 दिव्य नगर कॉलोनी पोस्ट-खोराबार जनपद-गोरखपुर -273010 उत्तर प्रदेश भारत
Facebook
Twitter
LinkedIn

More to explorer

123

हिन्दी पत्रकारिता के 200 वर्ष : भोपाल में जुटेंगे देश-विदेश के मनीषी, समकालीन चुनौतियों और भविष्य पर होगा व्यापक विमर्श

Spread the love

Spread the love Print 🖨 PDF 📄 eBook 📱हिन्दी पत्रकारिता के 200 वर्ष : भोपाल में जुटेंगे देश-विदेश के मनीषी, समकालीन चुनौतियों

Leave a Comment

error: Content is protected !!