न्यू मीडिया में हिन्दी भाषा, साहित्य एवं शोध को समर्पित अव्यावसायिक अकादमिक अभिक्रम

डॉ. शैलेश शुक्ला

सुप्रसिद्ध कवि, न्यू मीडिया विशेषज्ञ एवं प्रधान संपादक, सृजन ऑस्ट्रेलिया

सृजन ऑस्ट्रेलिया | SRIJAN AUSTRALIA

विक्टोरिया, ऑस्ट्रेलिया से प्रकाशित, विशेषज्ञों द्वारा समीक्षित, बहुविषयक अंतर्राष्ट्रीय ई-पत्रिका

A Multidisciplinary Peer Reviewed International E-Journal Published from, Victoria, Australia

डॉ. शैलेश शुक्ला

सुप्रसिद्ध कवि, न्यू मीडिया विशेषज्ञ एवं
प्रधान संपादक, सृजन ऑस्ट्रेलिया

श्रीमती पूनम चतुर्वेदी शुक्ला

सुप्रसिद्ध चित्रकार, समाजसेवी एवं
मुख्य संपादक, सृजन ऑस्ट्रेलिया

काव्य सागर -2

Spread the love
image_pdfimage_print

जै मां काली

जै जगदंबै जै माँ काली, जै जगदंबै जै माँ काली ,वीर भूमि भी आंचल तेरा तूं जग जननी जग रखवाली!!

जै जगदंबै जै माँ काली, जै जगदंबै जै माँ काली वीर भूमि भी आंचल तेरा तूं जग जननी जग रखवाली!!

पारिजात का पुष्प और पल्लव प्रणव ध्यान कि धन्य तूं न्यारी!! जै जगदंबै जै माँ काली जै जै जगदंबै जै माँ काली वीर भूमि भी आंचल तेरा तूं जग जननी जग रखवाली!!

समनिष्ठा कि जागृति ज्योति आत्म बोध कि साहस शक्ति विघ्न विनासक मंगल कारी!! जै जगदंबै जै माँ काली जै जगदंबै जै माँ काली वीर भूमि भी आंचल तेरा तूं जग जननी जग रखवाली!!

आदि मध्य अवसान अनंत तुम्हीं युग जीवन कि संचारी!!

जै जगदंबै जै माँ काली ,जै जै जगदंबै जै माँ काली वीर भूमि भी आंचल तेरा तूं जग जननी जग रखवाली!!

सौम्य, साधना ,भाग्य ,भविष्य ,निर्भय निर्झर जीवन कल्याणी!!

जै जगदंबै जै माँ काली जै जगदंबै जै माँ काली वीर भूमि भी आंचल तेरा तूं जग जननी जग रखवाली!!

उत्कर्ष ,उत्सर्ग, निश्चय, निष्कर्ष विश्व पुरुष कि प्रगति प्रतिष्ठा शुभ ही शुभ कि लक्ष्मी हो तुम दुष्ट दलन कि दुर्गा काली!!

जै जगदंबै जै माँ काली जै जै जगदंबै जै माँ काली वीर भूमि भी आंचल तेरा तूं जग जननी जग रखवाली!!

नंदलाल मणि त्रिपाठी पीताम्बर गोरखपुर उत्तर प्रदेश

Last Updated on April 4, 2022 by nandlalmanitripathi

  • Nandlaltripathi
  • प्राचार्य
  • भारतीय जीवन बीमा निगम
  • [email protected]
  • C-159 दिव्य नगर कॉलोनी पोस्ट-खोराबार जनपद-गोरखपुर -273010 उत्तर प्रदेश भारत
Facebook
Twitter
LinkedIn

More to explorer

123

हिन्दी पत्रकारिता के 200 वर्ष : भोपाल में जुटेंगे देश-विदेश के मनीषी, समकालीन चुनौतियों और भविष्य पर होगा व्यापक विमर्श

Spread the love

Spread the love Print 🖨 PDF 📄 eBook 📱हिन्दी पत्रकारिता के 200 वर्ष : भोपाल में जुटेंगे देश-विदेश के मनीषी, समकालीन चुनौतियों

Leave a Comment

error: Content is protected !!