न्यू मीडिया में हिन्दी भाषा, साहित्य एवं शोध को समर्पित अव्यावसायिक अकादमिक अभिक्रम

डॉ. शैलेश शुक्ला

सुप्रसिद्ध कवि, न्यू मीडिया विशेषज्ञ एवं प्रधान संपादक, सृजन ऑस्ट्रेलिया

सृजन ऑस्ट्रेलिया | SRIJAN AUSTRALIA

विक्टोरिया, ऑस्ट्रेलिया से प्रकाशित, विशेषज्ञों द्वारा समीक्षित, बहुविषयक अंतर्राष्ट्रीय ई-पत्रिका

A Multidisciplinary Peer Reviewed International E-Journal Published from, Victoria, Australia

डॉ. शैलेश शुक्ला

सुप्रसिद्ध कवि, न्यू मीडिया विशेषज्ञ एवं
प्रधान संपादक, सृजन ऑस्ट्रेलिया

श्रीमती पूनम चतुर्वेदी शुक्ला

सुप्रसिद्ध चित्रकार, समाजसेवी एवं
मुख्य संपादक, सृजन ऑस्ट्रेलिया

मोटनक छन्द “भारत की सेना”

Spread the love
image_pdfimage_print

(मोटनक छन्द)

सेना अरि की हमला करती।
हो व्याकुल माँ सिसकी भरती।।
छाते जब बादल संकट के।
आगे सब आवत जीवट के।।

माँ को निज शीश नवा कर के।
माथे रज भारत की धर के।।
टीका तब मस्तक पे सजता।
डंका रिपु मारण का बजता।।

सेना करती जब कूच यहाँ।
छाती अरि की धड़कात वहाँ।।
डोले तब दिग्गज और धरा।
काँपे नभ ज्यों घट नीर भरा।।

ये देख छटा रस वीर जगे।
सारी यह भू रणक्षेत्र लगे।।
गावें महिमा सब ही जिनकी।
माथे पद-धूलि धरूँ उनकी।।
=================
*मोटनक छन्द* विधान:-

“ताजाजलगा” सब वर्ण शुभं।
राचें मधु छंदस ‘मोटनकं’।।

“ताजाजलगा”= तगण जगण जगण लघु गुरु।
221 121 121 12 = 11 वर्ण
चार चरण, दो दो समतुकांत।
******************

बासुदेव अग्रवाल ‘नमन’
तिनसुकिया

Last Updated on June 11, 2021 by basudeo

  • बासुदेव अग्रवाल
  • नमन
  • अग्रवाल
  • [email protected]
  • तिनसुकिया
Facebook
Twitter
LinkedIn

More to explorer

प्रतीकात्मक छवि

साहित्यिक पत्रिकाओं को प्रतिद्वन्द्विता की दौड़ से बाहर निकालकर एक परिवार बनाने का उपक्रम है यह सम्मेलन-डॉ विकास दवे

Spread the love

Spread the love Print 🖨 PDF 📄 eBook 📱 साहित्यिक पत्रिकाओं को प्रतिद्वन्द्विता की दौड़ से बाहर निकालकर एक परिवार बनाने का उपक्रम

प्रतीकात्मक छवि

मध्य प्रदेश संस्कृति विभाग के साहित्य अकादमी की ऐतिहासिक पहल की समीक्षा

Spread the love

Spread the love Print 🖨 PDF 📄 eBook 📱मध्य प्रदेश संस्कृति विभाग के साहित्य अकादमी की ऐतिहासिक पहल की समीक्षा साहित्यिक पत्रिकाओं

प्रतीकात्मक छवि

जरूरी और उपयोगी है संपादकीय कर्म की चुनौतियों पर प्रशिक्षण और संपादकों के बीच आपसी विमर्श – डॉ. शैलेश शुक्ला

Spread the love

Spread the love Print 🖨 PDF 📄 eBook 📱 जरूरी और उपयोगी है संपादकीय कर्म की चुनौतियों पर प्रशिक्षण और संपादकों के

Leave a Comment

error: Content is protected !!