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डॉ. शैलेश शुक्ला

सुप्रसिद्ध कवि, न्यू मीडिया विशेषज्ञ एवं प्रधान संपादक, सृजन ऑस्ट्रेलिया

सृजन ऑस्ट्रेलिया | SRIJAN AUSTRALIA

विक्टोरिया, ऑस्ट्रेलिया से प्रकाशित, विशेषज्ञों द्वारा समीक्षित, बहुविषयक अंतर्राष्ट्रीय ई-पत्रिका

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डॉ. शैलेश शुक्ला

सुप्रसिद्ध कवि, न्यू मीडिया विशेषज्ञ एवं
प्रधान संपादक, सृजन ऑस्ट्रेलिया

श्रीमती पूनम चतुर्वेदी शुक्ला

सुप्रसिद्ध चित्रकार, समाजसेवी एवं
मुख्य संपादक, सृजन ऑस्ट्रेलिया

बस इतना ही बहुत है

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भले ही मजधार में, 

जीवन की नौका हो,

मैं हूँ और तुम भी हो 

बस इतना ही बहुत है ।1।

नीरव में ठहरी कश्ती, 

साहिल का पता नहीँ, 

तुम हो बस खेवनहार, 

बस इतना ही बहुत है।2।

धीमी गति की नौका में, 

चप्पू भी पास नहीं है, 

हौसला है, इन बाजू में ,

बस इतना ही बहुत है ।3।

इस ओर हम बाजू का, 

उस ओर, तुम बाजू से, 

यूँ लहर पर चप्पू मारेंगे, 

बस इतना ही बहुत है ।4।

हो भले ही ,निर्जन थल,

खुशी का पर्व बनायेंगे,

हम हैं, तुम हो, धीरज है,

बस इतना ही बहुत है ।5।

बस्ती बसेगी हौसले से, 

हस्ती नहीं कभी मिटेगी, 

इन साँसों में गर्माहट है, 

बस इतना ही बहुत है ।6।

जहाँ पर हम दोनों रहेंगे,

इतिहास भी वहीं रचेगा, 

भरोसा है हमें तुम पर,

बस इतना ही बहुत है ।7।

Last Updated on December 31, 2020 by opgupta.kdl

  • ओमप्रकाश गुप्ता
  • अवकाश प्राप्त प्रवक्ता गणित
  • बैलाडिला
  • [email protected]
  • DS/II/596, BARASA Colony, near Millenium Park, Kirandul, Dantewada, Chhattisgarh 494556
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