न्यू मीडिया में हिन्दी भाषा, साहित्य एवं शोध को समर्पित अव्यावसायिक अकादमिक अभिक्रम

डॉ. शैलेश शुक्ला

सुप्रसिद्ध कवि, न्यू मीडिया विशेषज्ञ एवं प्रधान संपादक, सृजन ऑस्ट्रेलिया

सृजन ऑस्ट्रेलिया | SRIJAN AUSTRALIA

विक्टोरिया, ऑस्ट्रेलिया से प्रकाशित, विशेषज्ञों द्वारा समीक्षित, बहुविषयक अंतर्राष्ट्रीय ई-पत्रिका

A Multidisciplinary Peer Reviewed International E-Journal Published from, Victoria, Australia

डॉ. शैलेश शुक्ला

सुप्रसिद्ध कवि, न्यू मीडिया विशेषज्ञ एवं
प्रधान संपादक, सृजन ऑस्ट्रेलिया

श्रीमती पूनम चतुर्वेदी शुक्ला

सुप्रसिद्ध चित्रकार, समाजसेवी एवं
मुख्य संपादक, सृजन ऑस्ट्रेलिया

है माँ

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आदि शक्ति अम्बे जगदम्बे

आराधना खंड

हे देवी माँ

तू भय भव भंजक
जगत कल्याणी
दुष्टो की दुर्गा काली
भक्तो की रखवाली
शक्ति दे मुझे अपनी
भक्ति का भाव भाग्य दे !!

माँ शारदेय
मैं आया तेरे द्वार
तुझे पुकारते
मैं तेरी संतान
सुन पुकार
मेरी कामना का वर
वरदान दे!!

खोजता भटकता
सारे जहां में
आ गया हूँ
तेरे द्वार
तेरे ज्योति के
उजियार में !!

जिंदगी की दुस्वारिया
बहुत मैं आ गया
जिंदगी चाहतों
की राह में
तेरी ममता
आँचल की छाव में !!

माँ शारदेय
मैं आया तेरे
द्वार तुझे पुकारते
मैं तेरी संतान
सुन पुकार
मेरी कामना का
वर वरदान दे!!

माँ शारदेय
मैं आया
तेरे द्वार
तुझे पुकारते
मैं तेरी संतान
सुन पुकार
मेरी कामना का
वर वरदान दे!!

माँ शारदेय
मैं आया
तेरे द्वार
तुझे पुकारते
मैं तेरी संतान
सुन पुकार
मेरी कामना का
वर वरदान दे!!

हो गया हो
गर कही
अपराध
तेरी सेवा पूजा
सत्कार में
तेरा ही वात्सल्य हूँ
कर छमा
दया का आशिर्बाद दे !!

तू तो जग
जननी सद्गुण ही
जानती तू
अपनी संतान में
मेरे दुर्गुणों को
सद्गुणों में निखार दे !!

माँ शारदेय
मैं आया तेरे द्वार
तुझे पुकारते मैं
तेरी संतान सुन पुकार
मेरी कामना का
वर वरदान दे!!

लालसा बहुत
मानवीय स्वभाव मैं
तेरी भक्ति का भाव
शक्ति धन धान्य में ,
मेरी चाहत
सिर्फ तू रहे
आत्म प्रकाश में
आत्म के प्रकाश में !!

माँ शारदेय
मैं आया तेरे द्वार
तुझे पुकारते
मैं तेरी संतान
सुन पुकार
मेरी कामना का
वर वरदान दे!!

साध्य साधना
आराधना मेरी
कर्म धर्म ज्ञान
के बैभव
बैराग्य में ,
माँ मेरी तू अपनी
ध्यान ज्ञान की भक्ति
की शक्ति का
मुझे वर दान दे !!

माँ शारदेय
मैं आया तेरे द्वार
तुझे पुकारते मैं
तेरी संतान सुन
पुकार
मेरी कामना का वर
वरदान दे!!

तू भय भव
भंजक जग कल्याणी
दुष्टो की दुर्गा काली
भक्तो की रखवाली
शक्ति दे अपनी
भक्ति का भाव
भाग्य दे !!

माँ शारदेय
मैं आया तेरे द्वार
तुझे पुकारते
मैं तेरी संतान
सुन पुकार
मेरी कामना का वर
वरदान दे!!

नन्दलाल मणि त्रिपाठी (पीताम्बर )

Last Updated on April 4, 2022 by nandlalmanitripathi

  • Nandlaltripathi
  • प्राचार्य
  • भारतीय जीवन बीमा निगम
  • [email protected]
  • C-159 दिव्य नगर कॉलोनी पोस्ट-खोराबार जनपद-गोरखपुर -273010 उत्तर प्रदेश भारत
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