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डॉ. शैलेश शुक्ला

सुप्रसिद्ध कवि, न्यू मीडिया विशेषज्ञ एवं प्रधान संपादक, सृजन ऑस्ट्रेलिया

सृजन ऑस्ट्रेलिया | SRIJAN AUSTRALIA

विक्टोरिया, ऑस्ट्रेलिया से प्रकाशित, विशेषज्ञों द्वारा समीक्षित, बहुविषयक अंतर्राष्ट्रीय ई-पत्रिका

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डॉ. शैलेश शुक्ला

सुप्रसिद्ध कवि, न्यू मीडिया विशेषज्ञ एवं
प्रधान संपादक, सृजन ऑस्ट्रेलिया

श्रीमती पूनम चतुर्वेदी शुक्ला

सुप्रसिद्ध चित्रकार, समाजसेवी एवं
मुख्य संपादक, सृजन ऑस्ट्रेलिया

ओमप्रकाश गुप्ता की कविता – ‘शाश्वत रिश्ते : नियति के’

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माँ,
या पा,
दोनों में
दर्द छिपा
उठे हूक में,
दिल के टूक में,
अन्जाने तार जुडे,
कुछ आँसू में चू पडे,
ये कह पाना है मुश्किल ,
होता किस हालात का दिल,
किसी की आरजू में रो पडा है,
या तुम्हारी सलामती में अडा है।
हो क्यूॅ न,होठों के संपुट खुलने से,
सस्वर प्यार से माँ व पा निकला है,
फिर इस जमाने ने कयूॅ उसे छला है,
कहते हैं , गुस्से में जब माँ होती है,
छलकते ऑसुओ से वह रोती है,
पा रोता नहीं,पर नेत्रों से तरल,
पीता, दिल से चाहे हो गरल,
सताना नहीं यूँ हरकतों से,
चंद शब्दों या जरूरतों से,
वे रहें झोपड़ी या घर में,
आश्रम हो या शहर में,
मन्नतें परवरदिगार से,
करेंगें सदा उदगार से,
ध्यान में वे मग्न हों,
भवन चाहे भग्न हों,
दुआ करेंगे दिल से,
डिगें नहीं तिल से,
आखिर में हैं वो,
तो पा ही हैं,
और माँ ।
– ओमप्रकाश गुप्ता, बैलाडिला, छत्तीसगढ़

Last Updated on December 14, 2020 by srijanaustralia

  • ओमप्रकाश गुप्ता
  • अवकाश प्राप्त प्रवक्ता गणित
  • बैलाडिला
  • [email protected]
  • DS/II/596, BARASA COLONY, Behind Millennium Park, Kirandul, Dantewada, South Bastar, State, Chhattisgarh,PIN 494556
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