न्यू मीडिया में हिन्दी भाषा, साहित्य एवं शोध को समर्पित अव्यावसायिक अकादमिक अभिक्रम

डॉ. शैलेश शुक्ला

सुप्रसिद्ध कवि, न्यू मीडिया विशेषज्ञ एवं प्रधान संपादक, सृजन ऑस्ट्रेलिया

सृजन ऑस्ट्रेलिया | SRIJAN AUSTRALIA

विक्टोरिया, ऑस्ट्रेलिया से प्रकाशित, विशेषज्ञों द्वारा समीक्षित, बहुविषयक अंतर्राष्ट्रीय ई-पत्रिका

A Multidisciplinary Peer Reviewed International E-Journal Published from, Victoria, Australia

डॉ. शैलेश शुक्ला

सुप्रसिद्ध कवि, न्यू मीडिया विशेषज्ञ एवं
प्रधान संपादक, सृजन ऑस्ट्रेलिया

श्रीमती पूनम चतुर्वेदी शुक्ला

सुप्रसिद्ध चित्रकार, समाजसेवी एवं
मुख्य संपादक, सृजन ऑस्ट्रेलिया

भारत की बेटी

Spread the love
image_pdfimage_print

    भारत की बेटी

 

 

  हम भारत की बेटी हैं

  समझो न किसी से कम

पर्वत से ऊंची उड़ान हमारी…

 हम नहीं घबराती

 राहें चाहे कितनी भी

  हों मुश्किल

पीछे मुड़कर हम नहीं देखती

बस आगे ही बढ़ते जाती

हम भारत की बेटी हैं।

 

हम जननी

ममता की मूरत भी हम

माँ-बाप का अभिमान हम

पति की हिम्मत हम

बच्चों की पहली गुरु

रिश्तों की मजबूत

डोर भी हमसे

भारत का कल भी हम

देश का गौरव भी हम

हम भारत की बेटी हैं।

 

इतिहास गवाह है,

देख भारत-बेटी की वीरता

दुश्मन ने भी

शीश झुकाया है

दुर्गा, चंडी भी हम

त्याग और बलिदान की

मूरत भी हम

हम भारत की बेटी हैं।

 

वक़्त आन पड़ा फिर

उम्मीद छोड़ दूसरों से

ख़ुद-से कदम बढाने का

चूड़ियां उतार, तलवार उठाने का

हर बेटी के साथ

हुए अन्याय

का न्याय मांगने का..

वक़्त आन पड़ा फिर

औरत की ताक़त का

दुनिया को बताने का..

हम भारत की बेटी हैं।

स्वरचित, मौलिक, सपना

 

 

 

 

Last Updated on October 29, 2020 by sapnanegi68

    Facebook
    Twitter
    LinkedIn

    More to explorer

    प्रतीकात्मक छवि

    साहित्यिक पत्रिकाओं को प्रतिद्वन्द्विता की दौड़ से बाहर निकालकर एक परिवार बनाने का उपक्रम है यह सम्मेलन-डॉ विकास दवे

    Spread the love

    Spread the love Print 🖨 PDF 📄 eBook 📱 साहित्यिक पत्रिकाओं को प्रतिद्वन्द्विता की दौड़ से बाहर निकालकर एक परिवार बनाने का उपक्रम

    प्रतीकात्मक छवि

    मध्य प्रदेश संस्कृति विभाग के साहित्य अकादमी की ऐतिहासिक पहल की समीक्षा

    Spread the love

    Spread the love Print 🖨 PDF 📄 eBook 📱मध्य प्रदेश संस्कृति विभाग के साहित्य अकादमी की ऐतिहासिक पहल की समीक्षा साहित्यिक पत्रिकाओं

    प्रतीकात्मक छवि

    जरूरी और उपयोगी है संपादकीय कर्म की चुनौतियों पर प्रशिक्षण और संपादकों के बीच आपसी विमर्श – डॉ. शैलेश शुक्ला

    Spread the love

    Spread the love Print 🖨 PDF 📄 eBook 📱 जरूरी और उपयोगी है संपादकीय कर्म की चुनौतियों पर प्रशिक्षण और संपादकों के

    Leave a Comment

    error: Content is protected !!