न्यू मीडिया में हिन्दी भाषा, साहित्य एवं शोध को समर्पित अव्यावसायिक अकादमिक अभिक्रम

डॉ. शैलेश शुक्ला

सुप्रसिद्ध कवि, न्यू मीडिया विशेषज्ञ एवं प्रधान संपादक, सृजन ऑस्ट्रेलिया

सृजन ऑस्ट्रेलिया | SRIJAN AUSTRALIA

विक्टोरिया, ऑस्ट्रेलिया से प्रकाशित, विशेषज्ञों द्वारा समीक्षित, बहुविषयक अंतर्राष्ट्रीय ई-पत्रिका

A Multidisciplinary Peer Reviewed International E-Journal Published from, Victoria, Australia

डॉ. शैलेश शुक्ला

सुप्रसिद्ध कवि, न्यू मीडिया विशेषज्ञ एवं
प्रधान संपादक, सृजन ऑस्ट्रेलिया

श्रीमती पूनम चतुर्वेदी शुक्ला

सुप्रसिद्ध चित्रकार, समाजसेवी एवं
मुख्य संपादक, सृजन ऑस्ट्रेलिया

प्रिय मैं तुमसे भिन्न हूँ कहाँ

Spread the love
image_pdfimage_print

प्रिय मैं तुमसे भिन्न हूँ कहाँ

(प्रत्येक प्रियतमा अपने प्रियतम की छवि होती है, अपने प्रियतम में सागर की जल धारा बनकर संग -संग चलती है, इसी संदर्भ में प्रस्तुत है – “प्रिय मैं तुमसे भिन्न हूँ कहाँ “)  

प्रिय मैं तुमसे भिन्न हूँ कहाँ
तुम जहाँ चले मैं हूँ वहाँ

तुम जो गहरा सागर विशाल
मैं तुमसे मिलती जल की धार
हृदय तुम्हारा अनंत असार
मैं उठती उसमें लहर सितार

तुम बदरा के गहराते घन
मैं तुझ में व्याप्त बन बूँद साकार
तुम चले दिशा अनंत विस्तार
मैं बनी हवा तुम संग संसार

तुम उपवन से भरे बिखरते
मैं समा रही बन तंतु आकार
सुरभित फूलों से जो रंगाकार
खुशबू तुम्हारी काम मैं आधार

तुम सूर्य से उदित आकाश
मैं फैली बन किरणों का जाल
तुम कमल दल श्वेत वितान
मैं जुड़ी रहूं बन तुझमें नाल

तुम पूर्णमासी के पूर्ण चंद्रमा
मैं शीतलता बनी पंख पसार
घटते बढ़ते तुम पाते पार
सिमटती तुझमें ले रूप आकर

तुम पर्वत सम कठोर समान
मैं नदी बन भेदती बन हृदय हार
चोटियां तेरी गगन विस्तार
हिम बन बरसती मैं हर बार

तुम वसुधा वत्सल दामन
मैं बीज तेरा गर्भ संसार
जीवनदायी देते तुम सब रस
बन पौध मैं फूटी लघुकार

प्रिय मैं तुमसे भिन्न हूँ कहाँ
तुम जहाँ चले मैं हूँ वहाँ

कवयित्री परिचय –

मीनाक्षी डबास “मन”
प्रवक्ता (हिन्दी)
राजकीय सह शिक्षा विद्यालय पश्चिम विहार, शिक्षा निदेशालय ,राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र, दिल्ली भारत
Mail Id
[email protected]

माता -पिता – श्रीमती राजबाला श्री कृष्ण कुमार

प्रकाशित रचनाएं – घना कोहरा, रिमझिम मोबाइल देवता,4 नया सवेरा (हाईकू), 5 बादल, 6 मेरी सहेलियां भाग -1, 7 शब्द संसार, 8 मेरी सहेलियां भाग- 2, 9 पगडंडियां, 10 मजदूरों की मजदूरी, 11 सीढ़ी, 12 धागा, 13 स्त्रियों के बाल, 14 रेखाओं में मजदूर, 15 वीर राणा प्रताप, 16 भारत के पूत, 17 नवजीवन वरदान, 18 कोरोना काल, 19 गढ़वाल राइफल का वीर 20 मृग तृष्णा,21 बन शक्ति,22 शाख से छूटा पत्ता,23 लो थाम प्रिय, 24 बेटी, 25 मुझे उस ओर जाना है, 26 कौन हो तुम, 27 प्रिय छवि, 28 कुछ कोलाब, 29 मेरे राम, 30कौन दिसा के वासी तुम?,31 अरमानों की गाँठें,32नेता जी

उद्देश्य – सरकारी कार्यालयों में कामकाज की प्राथमिक भाषा बनाने हेतु हिंदी का प्रचार – प्रसार

Last Updated on May 25, 2021 by mds.jmd

  • मीनाक्षी डबास "मन"
  • प्रवक्ता- हिन्दी
  • शिक्षा निदेशालय ,राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र, दिल्ली भारत
  • [email protected]
  • राजकीय सह शिक्षा विद्यालय पश्चिम विहार, शिक्षा निदेशालय ,राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र, दिल्ली भारत
Facebook
Twitter
LinkedIn

More to explorer

image_20260921_102530

रचनात्मकता, संस्कार और रंगमंच का समन्वित अभिव्यक्ति के व्यक्तित्व डॉ ० उमेश कुमार   चौरसिया

Spread the love

Spread the love Print 🖨 PDF 📄 eBook 📱रचनात्मकता, संस्कार और रंगमंच का समन्वित अभिव्यक्ति के व्यक्तित्व डॉ ० उमेश कुमार   चौरसिया

1 thought on “प्रिय मैं तुमसे भिन्न हूँ कहाँ”

Leave a Comment

error: Content is protected !!