सन उन्नीस सौ बाईस चार फरवरी
शांत प्रिय भारतवासी।।
निकल पड़े जुलूस में
मन मे आजादी का जज्बा
देने आजादी की खातिर
कोई भी कुर्बानी।।
सर पे टोपी जुबान पे
जय माँ भारती की आजादी
शांत प्रदर्शन खून खराबे का
आदी ना था भारत वासी।।
सर की टोपी अस्मत
शांत भाव में जुलूस
आजादी की जज्बे की ज्वाला
प्रदशर्न कर रहे थे गोरखपुर
चौरी चौरा के वासी।।
गुप्तेश्वर सिंह था गोरो का
चापलूस चौरी चौरा थाने का
प्रभारी।।
शांत प्रदर्शन कर रही
आजादी के दीवानों परवानों का
मार्ग अवरुद्ध किया हुआ बात विवाद हाथा पाई।।
आज़ादी दीवाने की टोपी
सर से गिर पड़ी अविनि पर
हुआ अपसगुन भारी।।
सर फिरे गुलामी के आदी
श्वान सड़ी हड्डी के स्वादि
खुद के गर्म रक्त के स्वाद
पिपासु में उनकी खुशियों सारी।।
वो भी था भारतवासी
अविनि पर गिरे आजादी
के दीवाने की टोपी को
अपने बूटों से रौंद रहा
परिहास उड़ाता चौरी चौरा
थाने का सिपाही।।
सर की टोपी माँ भारती
की आज़ादी के दीवानो
परवानों कफ़न हस्ती अस्मत।।
खौला खून आँगर बने
शांत प्रदर्शन करते चौरी चौरा
वासी।।
धावा बोला थाने पर
क्रूर कुटिल की भाषा मे
तूफान काल कराल बने
हर शांत प्रदर्शन कारी।।
थाना फूंका गोरों के
चमचों पिठ्ठू को आग हवन कुंड
आज़ादी यज्ञ दी आहुति कांप उठा शासक शासन अत्याचारी।।
नन्दलाल मणि त्रिपाठी पीताम्बर गोरखपुर उत्तर प्रदेश
Last Updated on February 4, 2021 by nandlalmanitripathi
- नंन्दलाल मणि त्रिपाठी पीताम्बर
- प्राचार्य
- भारतीय जीवन बीमा निगम
- [email protected]
- C-159 दिव्य नगर कॉलोनी पोस्ट-खोराबार जनपद-गोरखपुर -273010 उत्तर प्रदेश भारत







