बारह फरवरी सन उन्नीस
सौ बाईस को चौरी चौरा
आजादी का विद्रोह
असयोग आंदोलन
स्थगतित किया महात्मा गांधी।।
महात्मा का निर्णय
असहयोग आंदोलन
सत्य अहिंशा और हिंसा
दर्शन चौरी चौरा अहिंसाआंदोलन
हिंसा परिवर्तन का परिभाषी।।
महात्मा के निर्णय से
दुखी आहत निराश था
चौरी चौरा संग हर भारत वासी।।
गया कांगेस अधिवेशन सन
उन्नीस सौ बाईस प्रेम कृष्ण खन्ना
पंडित राम प्रसाद विस्मिल ने
निर्णय का प्रखर
प्रबल विरोध इसी
पल प्रहर से निकली सत्य
अहिंसा शांति से आज़दी
क्रांति की ज्वाला अंगारी।।
चौरी चौरा प्रकरण पर
गोरो ने प्रतिशोध में ना
जाने कितने संघार किया
माँ भारती के आंगन में
क्रूर मौत का नंगा नाच किया।।
फिर न्याय प्रियता का स्वांग
न्याय प्रक्रिया परम्परा में
न्यायालय में चौरी चौरा आज़ादी
संग्राम के महारथियों को अपराधी
करार दिया।।
महामना मालवीय ने
चौरी चौरा का मुकदमा
आज़ादी के दीवानों परवानों
के हक में लड़ना स्वीकार किया।।
लम्बी चली लड़ाई महामना
मालवा का पंडित वकील
कितनो को न्याय दिलाई।।
गोरो ने न्याय नाम
पर भी अन्याय की मुहर
लगाए उन्नीस को फांसी
की सजा सुनाई।।नन्दलाल मणि त्रिपाठी पीताम्बर गोरखपुर उत्तर प्रदेश
Last Updated on February 4, 2021 by nandlalmanitripathi
- नंन्दलाल मणि त्रिपाठी पीताम्बर
- प्राचार्य
- भारतीय जीवन बीमा निगम
- [email protected]
- C-159 दिव्य नगर कॉलोनी पोस्ट-खोराबार जनपद-गोरखपुर -273010 उत्तर प्रदेश भारत







