ख़ुद को भी जानो
दुनिया की इस भाग दौड़ में
खुद को भी कुछ समय दो ।
क्या कर रहे हो
क्यों कर रहे हो
कैसे जी रहे हो
क्या वाकई जी रहे हो
या मर रहे हो ?…
ज़रा खुद को भी जानो ।
दिनभर बेवजह क्या सोचना
पुरानी यादों को क्यों खरोंचना
समय की क़ीमत जानो
जीवन के सही लक्ष्य को पहचानो ।
इस समय कौन हो तुम
कौन है तुम्हारा
किसके लिए जीते हो
क्यों दुःख के आँसू पीते हो
इस बातों को भी पुनः विचारों ।
बहुत हो गया काम धाम
सारी उम्र कर लिया आराम
इस अमूल्य जीवन को और व्यर्थ ना गुज़ारो,
खुद के लिए भी थोड़ा समय निकालो !
ज़रा खुद को भी जानो ।
संदीप कटारिया (करनाल,हरियाणा)
Last Updated on May 22, 2021 by sandeepk62643
- संदीप कटारिया
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- करनाल , हरियाणा







