न्यू मीडिया में हिन्दी भाषा, साहित्य एवं शोध को समर्पित अव्यावसायिक अकादमिक अभिक्रम

डॉ. शैलेश शुक्ला

सुप्रसिद्ध कवि, न्यू मीडिया विशेषज्ञ एवं प्रधान संपादक, सृजन ऑस्ट्रेलिया

सृजन ऑस्ट्रेलिया | SRIJAN AUSTRALIA

विक्टोरिया, ऑस्ट्रेलिया से प्रकाशित, विशेषज्ञों द्वारा समीक्षित, बहुविषयक अंतर्राष्ट्रीय ई-पत्रिका

A Multidisciplinary Peer Reviewed International E-Journal Published from, Victoria, Australia

डॉ. शैलेश शुक्ला

सुप्रसिद्ध कवि, न्यू मीडिया विशेषज्ञ एवं
प्रधान संपादक, सृजन ऑस्ट्रेलिया

श्रीमती पूनम चतुर्वेदी शुक्ला

सुप्रसिद्ध चित्रकार, समाजसेवी एवं
मुख्य संपादक, सृजन ऑस्ट्रेलिया

जब दहलीज पर आऊँ

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जब दहलीज पर आऊँ 

<span;>,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,

<span;>जब हम रवि सा दिन भर संतप्त हो,
<span;>त्रसित संध्या की दहलीज पर आऊँ,
<span;>तो श्रम बिन्दु पर ठंडी बयार सा बन,
<span;>प्रिये! तुम मेरे रोम रोम में  बस जाना।1।

<span;>        मिलन की सुरमयी बेला पर आपलक,
<span;>        देखूँ औ तुम्हारी शीतलता को समा लूॅ,
<span;>        झिलमिल सितारों बीच अपना मुखडा,
<span;>        रख चौखट पे खडी हो मुझको रिझाना।2।

<span;>कनखियों से नीलिमा की झीनी चुनरी में,
<span;>हे निशा तेरा जो नयनाभिराम बदन देख,
<span;>सुध बुध खो भूलूँ ,तेरे वो आलिंगन गीत,
<span;>तो तुम प्यार से मेरे कान में फुसफुसाना।3।

<span;>ओमप्रकाश गुप्ता बैलाडिला
<span;>18:12:2020

Last Updated on December 19, 2020 by opgupta.kdl

  • ओमप्रकाश गुप्ता
  • अवकाश प्राप्त प्रवक्ता गणित
  • बैलाडिला
  • [email protected]
  • DS/II/596, Barasa Colony, Near Millenium Park, Kirandul, Dantewada, Chhattisgarh, PIN 494556
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2 thoughts on “जब दहलीज पर आऊँ”

  1. बृंदावन राय सरल सागर एमपी मो,7869218525

    बृंदावन राय सरल सागर एमपी मोबाइल नंबर 786 92 18 525 वरिष्ठ कवि एवं शायर सागर मप्र महिला दिवस हेतु रचना।। प्रतियोगिता।।
    मां पर रचना दोहे,,,
    1,,मां चंदा की चांदनी ,मां सूरज की धूप।
    वक्त पड़े ज्वालामुखी, वक्त पड़े जल रूप।।
    2,,सरिता मां की नम्रता इसमें इतना प्यार ।
    जीवन भर टूटे नहीं, जिसकी अविरल धार।।
    3,,मां शाला मां है गुरू, मां जीवन आधार।
    पौधा माँ के प्यार‌ से,वृक्ष बने छतनार।।
    4,,मां मीरा की पीर है, मां कबीर का सत्य।
    मां नानक की प्राथना, तुलसी का साहित्य।।
    5,, मां में गीता सार है, मां है वेद पुरान।
    मां है पावन बाइबिल, मां में हर ईमान।।
    6,, मां में तीरथ धाम सब, मां अटूट विश्वास।
    मां के चरणों में हुआ,जन्नत का अहसास।।

    बृंदावन राय सरल सागर एमपी मोबाइल नंबर 786 92 18 525 सागर एमपी भारत
    2/1/2021

    1. कृपया आप अपनी प्रतिक्रिया पोस्ट की गई हमारी कविता पर आधारित देगें, तो प्रसन्नता होगी ।

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