न्यू मीडिया में हिन्दी भाषा, साहित्य एवं शोध को समर्पित अव्यावसायिक अकादमिक अभिक्रम

डॉ. शैलेश शुक्ला

सुप्रसिद्ध कवि, न्यू मीडिया विशेषज्ञ एवं प्रधान संपादक, सृजन ऑस्ट्रेलिया

सृजन ऑस्ट्रेलिया | SRIJAN AUSTRALIA

विक्टोरिया, ऑस्ट्रेलिया से प्रकाशित, विशेषज्ञों द्वारा समीक्षित, बहुविषयक अंतर्राष्ट्रीय ई-पत्रिका

A Multidisciplinary Peer Reviewed International E-Journal Published from, Victoria, Australia

डॉ. शैलेश शुक्ला

सुप्रसिद्ध कवि, न्यू मीडिया विशेषज्ञ एवं
प्रधान संपादक, सृजन ऑस्ट्रेलिया

श्रीमती पूनम चतुर्वेदी शुक्ला

सुप्रसिद्ध चित्रकार, समाजसेवी एवं
मुख्य संपादक, सृजन ऑस्ट्रेलिया

फिर आई सर्दी

Spread the love
image_pdfimage_print

लघुकथा….

फिर आई सर्दीO
सर्द ऋतु आते ही रजाई की याद आती है एक वो ही है जो
ठंड में भी गर्मी का अहसास दिलाती है ।
कभी कभी लगता है कि
जिन लोगो के पाससिर छुपाने को छत नही हैजिनके पास पहनने को कपड़े नही है कड़ाके की ठंड में ओढ़ने को रजाई नही है
वो अपना गुजर बसर कैसे करते होंगे यह सोचकर ही
ठंडी आह निकलने लगती है ।
एक दिन ठंड शुरू होते ही
पिताजी कहने लगे आज गजक लाएंगे ठंड में गजक खाने का
अलग ही मजा है मेने कहा पिताजी आप से कुछ कहना है
वे बोले हाँ कहो क्या बात है
पिताजी आज आपगजक की जगह कुछ और ला सकते है
हाँ हाँ कहो ,क्या लाना है
पिताजी यहां से थोड़ी दूर एक झोपड़ी है वहां पर एक अम्मा ठंड से ठिठुर रही है उनके लिए एक रजाई ला दो मुझे गजक नही चाहिए मेरी बात सुनकर
माँ की आँखों से आँसू निकल आए पिताजी ने कहा अरे वाह !
अब तो आप समझने भी लगे हो
आज रजाई भी आएगी और गजक भी चलो तुम्हारे हाथों से
अम्माजी को देनाझोपड़ी के सामने गाड़ी रुकी वह बाहर आ गई यह लो अम्मा रजाई और मिठाई अम्मा ने अतिथि के आगे
झोली फैला दी मेरे बेटों ने मुझे घर से निकाल दिया और इस छोटी सीबेटी ने मुझे ठंड से बचा लिया ।
……

अनिल गुप्ता
कोतवाली रोड़ उज्जैन

Last Updated on January 16, 2021 by mahakalbhramannews

  • अनिल
  • गुप्ता
  • महाकाल भ्रमण
  • [email protected]
  • 8, कोतवाली रोड़ उज्जैन
Facebook
Twitter
LinkedIn

More to explorer

image_20260921_102530

रचनात्मकता, संस्कार और रंगमंच का समन्वित अभिव्यक्ति के व्यक्तित्व डॉ ० उमेश कुमार   चौरसिया

Spread the love

Spread the love Print 🖨 PDF 📄 eBook 📱रचनात्मकता, संस्कार और रंगमंच का समन्वित अभिव्यक्ति के व्यक्तित्व डॉ ० उमेश कुमार   चौरसिया

Leave a Comment

error: Content is protected !!