न्यू मीडिया में हिन्दी भाषा, साहित्य एवं शोध को समर्पित अव्यावसायिक अकादमिक अभिक्रम

डॉ. शैलेश शुक्ला

सुप्रसिद्ध कवि, न्यू मीडिया विशेषज्ञ एवं प्रधान संपादक, सृजन ऑस्ट्रेलिया

सृजन ऑस्ट्रेलिया | SRIJAN AUSTRALIA

विक्टोरिया, ऑस्ट्रेलिया से प्रकाशित, विशेषज्ञों द्वारा समीक्षित, बहुविषयक अंतर्राष्ट्रीय ई-पत्रिका

A Multidisciplinary Peer Reviewed International E-Journal Published from, Victoria, Australia

डॉ. शैलेश शुक्ला

सुप्रसिद्ध कवि, न्यू मीडिया विशेषज्ञ एवं
प्रधान संपादक, सृजन ऑस्ट्रेलिया

श्रीमती पूनम चतुर्वेदी शुक्ला

सुप्रसिद्ध चित्रकार, समाजसेवी एवं
मुख्य संपादक, सृजन ऑस्ट्रेलिया

Shabd

Spread the love
image_pdfimage_print

शब्द
शब्द स्वर भरे कभी मुस्कुराहट में तो कभी आंसुओं में ढले
कुछ मन से टकराये और भिगो गए पर कुछ कानों की ओट में ही छिपकर रह गए.
कभी अधरों से फूटे तो गुनाह बन गए,
कभी अधरों पर आने से सकुचाये तो गले में ही अटक गये.
कह दिया तो सुना कि क्यों कह दिया,
नहीं कहा तो सुना कि क्यों नहीं कहा.
दोनों तरफ तुम ही खड़े, हम बस तुम्हारे शब्दों का खेल देखते रहे.
मेरी तकलीफों में लिपटे मेरे शब्द कभी आंसुओं के
साथ तकिये में छुप गए,
पर कभी कभी उगते हुए सूरज को देख कर पंख लगा कर उड़ गए.
तुम्हारी गलत दलीलों में शामिल शब्द बन गए तुम्हारे हथियार,
मेरे टूटते जुड़ते शब्द मेरे एहसासों की गवाही न बन सके.
हम दोनों की लड़ाई में सिर्फ तुम ही तुम दिखे,
हम तो खामोशी से बस तुम्हारे वार सहते रहे.
मेरे एहसास भी थे कभी शब्दों में ढले,
तुमने नही सुने तो उंगलियों से फिसलकर डायरी में
बंद हो गए.
तुम्हारी कैद से छूट कर मेरे शब्द रहे मेरे साथ,
अब तुम अपने शब्दों के साथ समेटो अपनी बिछाई शतरंज की बिसात.
मेरे शब्द मेरे लिए अनमोल थे पर तुम्हारे लिए सिर्फ
एक शोर थे.
हमारे अंदाज थे जुदा, शब्दों की आवाज थी जुदा,
तुम बनने चले मेरे खुदा तो हम भी इबादत करना भूल गए.
डा. संजना मिश्रा………

Last Updated on November 8, 2020 by sanjanamisra09

  • Dr. Sanjana Misra
  • Assistant Professor
  • Heeralal Yadav Balika Degree College, Lucknow
  • [email protected]
  • 312, Rohtas Icon Apartments, Vrindavan Yojna-2, Behind Sardar Patel Dental College, Lucknow-226025
Facebook
Twitter
LinkedIn

More to explorer

123

हिन्दी पत्रकारिता के 200 वर्ष : भोपाल में जुटेंगे देश-विदेश के मनीषी, समकालीन चुनौतियों और भविष्य पर होगा व्यापक विमर्श

Spread the love

Spread the love Print 🖨 PDF 📄 eBook 📱हिन्दी पत्रकारिता के 200 वर्ष : भोपाल में जुटेंगे देश-विदेश के मनीषी, समकालीन चुनौतियों

Leave a Comment

error: Content is protected !!