न्यू मीडिया में हिन्दी भाषा, साहित्य एवं शोध को समर्पित अव्यावसायिक अकादमिक अभिक्रम

डॉ. शैलेश शुक्ला

सुप्रसिद्ध कवि, न्यू मीडिया विशेषज्ञ एवं प्रधान संपादक, सृजन ऑस्ट्रेलिया

सृजन ऑस्ट्रेलिया | SRIJAN AUSTRALIA

विक्टोरिया, ऑस्ट्रेलिया से प्रकाशित, विशेषज्ञों द्वारा समीक्षित, बहुविषयक अंतर्राष्ट्रीय ई-पत्रिका

A Multidisciplinary Peer Reviewed International E-Journal Published from, Victoria, Australia

डॉ. शैलेश शुक्ला

सुप्रसिद्ध कवि, न्यू मीडिया विशेषज्ञ एवं
प्रधान संपादक, सृजन ऑस्ट्रेलिया

श्रीमती पूनम चतुर्वेदी शुक्ला

सुप्रसिद्ध चित्रकार, समाजसेवी एवं
मुख्य संपादक, सृजन ऑस्ट्रेलिया

सैनिक दिवस पर कविता

Spread the love
image_pdfimage_print

*सैनिक दिवस पर विशेष*

*सीमाओं पर डटें, जो देश की रखवाली करतें हैं*
*बिना स्वार्थ हित लाभ के जो पहरेदारी करतें हैं*
*सर्दी शीत धूप ताप से लड़ते जो प्रतिक्षण हैं*
*उनकें त्याग वीरता की तो सब कहानी कहतें हैं ,*

*जिनकी इच्छा तृष्णा तो मन में ही दब जाती हैं*
*जिनकी सतर्कता से होली दीवाली सब आती हैं*
*जिनकी पहरेदारी से ईंद क्रिसमस भी आता हैं*
*वरना सबकी ख़ुशी नज़ारें पल में ही दब जाती हैं ,*

*अपना शीश कटा कर हम पर आंच नहीं आने देता*
*बात कितनी भी कठिन हो,बात नहीं आने देता*
*ओ रक्षक भक्षक बन जाता हैं दुश्मनों के टोलों पर*
*एक एक को मारता हैं, बच कर नहीं जाने देता ,*

*घर से दूर,क़भी किसी से मग़र नहीं शिकायत करता*
*किसी पद प्रलोभन ख़ातिर क़भी नहीं ज़ियारत करता*
*हरदम कर्तब्य निभाता हैं डट कर जी जान से*
*ख़ुद की ख़ातिर क़भी किसी से कोई नहीं सिफारश करता ,*

*उनके बल से ही देश में आज़ादी की आहट हैं*
*उनके वीर बल से क़भी आती नही मुसीबत हैं*
*उनकें रूह खून में हरदम सूर्य सी गरमाहट हैं*
*फिर भी देखों मुखड़े पर दिखती तो मुस्कुराहट हैं ,*

*सज़ग सर्तक हरदम रहतें हैं दुश्मनों की चाल से*
*सिर उच्छेदन कर देते हैं इरादों के अपने भाल से*
*उनका मज़हब भारत भारती और देश की माटी हैं*
*जिसकी रक्षा करतें हैं समझकर अपने परिवार से ,*

*उनके पांवों की धुली माथें पर लगाने लायक हैं*
*उनका खून पसीना तो गंगा जल से पावन हैं*
*जो उनका चारण गाता हैं,ओ ही असली गायक हैं*
*उनके पथ जो चलता है, बनता एक दिन नायक हैं ।।*
*©बिमल तिवारी “आत्मबोध”*
   *देवरिया उत्तर प्रदेश*

Last Updated on January 15, 2021 by bmltwr

  • बिमल तिवारी
  • आत्मबोध
  • स्वतंत्र
  • [email protected]
  • Nonapar, deoria, उत्तर प्रदेश
Facebook
Twitter
LinkedIn

More to explorer

प्रतीकात्मक छवि

साहित्यिक पत्रिकाओं को प्रतिद्वन्द्विता की दौड़ से बाहर निकालकर एक परिवार बनाने का उपक्रम है यह सम्मेलन-डॉ विकास दवे

Spread the love

Spread the love Print 🖨 PDF 📄 eBook 📱 साहित्यिक पत्रिकाओं को प्रतिद्वन्द्विता की दौड़ से बाहर निकालकर एक परिवार बनाने का उपक्रम

प्रतीकात्मक छवि

मध्य प्रदेश संस्कृति विभाग के साहित्य अकादमी की ऐतिहासिक पहल की समीक्षा

Spread the love

Spread the love Print 🖨 PDF 📄 eBook 📱मध्य प्रदेश संस्कृति विभाग के साहित्य अकादमी की ऐतिहासिक पहल की समीक्षा साहित्यिक पत्रिकाओं

प्रतीकात्मक छवि

जरूरी और उपयोगी है संपादकीय कर्म की चुनौतियों पर प्रशिक्षण और संपादकों के बीच आपसी विमर्श – डॉ. शैलेश शुक्ला

Spread the love

Spread the love Print 🖨 PDF 📄 eBook 📱 जरूरी और उपयोगी है संपादकीय कर्म की चुनौतियों पर प्रशिक्षण और संपादकों के

Leave a Comment

error: Content is protected !!