न्यू मीडिया में हिन्दी भाषा, साहित्य एवं शोध को समर्पित अव्यावसायिक अकादमिक अभिक्रम

डॉ. शैलेश शुक्ला

सुप्रसिद्ध कवि, न्यू मीडिया विशेषज्ञ एवं प्रधान संपादक, सृजन ऑस्ट्रेलिया

सृजन ऑस्ट्रेलिया | SRIJAN AUSTRALIA

विक्टोरिया, ऑस्ट्रेलिया से प्रकाशित, विशेषज्ञों द्वारा समीक्षित, बहुविषयक अंतर्राष्ट्रीय ई-पत्रिका

A Multidisciplinary Peer Reviewed International E-Journal Published from, Victoria, Australia

डॉ. शैलेश शुक्ला

सुप्रसिद्ध कवि, न्यू मीडिया विशेषज्ञ एवं
प्रधान संपादक, सृजन ऑस्ट्रेलिया

श्रीमती पूनम चतुर्वेदी शुक्ला

सुप्रसिद्ध चित्रकार, समाजसेवी एवं
मुख्य संपादक, सृजन ऑस्ट्रेलिया

“अकादमिक विषयों के अनुवाद की उभरती प्रवृत्तियाँ” विषय पर अंतरराष्ट्रीय वेबगोष्ठी 8 नवंबर को

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न्यू मीडिया सृजन संसार ग्लोबल फाउंडेशन के सहयोग से सृजन ऑस्ट्रेलिया अंतरराष्ट्रीय ई-पत्रिका एवं राजमाता जिजाऊ शिक्षा प्रसारक मंडल के कला वाणिज्य एवं विज्ञान महाविद्यालय, भोसरी, पुणे के संयुक्त तत्वावधान में दिनांक 8 नवंबर 2020  को भारतीय समयानुसार दोपहर 1 बजे “अकादमिक विषयों के अनुवाद की उभरती प्रवृत्तियाँ / Emerging Trends in Translation of Academic Disciplines”  विषय पर  अंतरराष्ट्रीय वेबगोष्ठी का आयोजन किया जाएगा।  पंजीकरण लिंक

  1. सृजन ऑस्ट्रेलिया अंतरराष्ट्रीय ई-पत्रिका द्वारा जारी की गई प्रेस रिलीज में सृजन ऑस्ट्रेलिया की मुख्य कार्यकारी अधिकारी श्रीमती पूनम चतुर्वेदी शुक्ला की ओर से बताया गया है कि इस अंतरराष्ट्रीय वेबगोष्ठी में उदघाटक के रूप में माननीय विलास लांडे अध्यक्ष, राजमाता जिजाऊ शिक्षा प्रसारक मंडल भूतपूर्व विधायक, भोसरी, पुणे होंगे। डॉ. जवाहर कर्णावट निदेशक हिंदी भवन, भोपाल की अध्यक्षता में होने वाली इस अंतरराष्ट्रीय वेबगोष्ठी में बीज वक्ता के रूप में प्रो सदानंद भोसले, प्रोफेसर एवं अध्यक्ष हिन्दी शिक्षण मण्डल, सावित्री बाई फुले पुणे विश्वविद्यालय, पुणे महाराष्ट्र मुख्य वक्ता के रूप में डॉ. हरीश कुमार सेठी, इग्नू, दिल्ली और विशिष्ट वक्ताओं के रूप में सुश्री  शालिनी गर्ग, दोहा, कतर से और सुश्री हेमा कृपलानी, सिंगापुर से होंगी। डॉ.जी.एल. भोंग, प्रधानाचार्य राजमाता जिजाऊ कलावाणिज्य एवं विज्ञान महाविद्यालय, भोसरी, पुणे के मार्गदर्शन में आयोजित होने वाली इस अंतरराष्ट्रीय वेबगोष्ठी का संयोजन डॉ. सजित खांडेकर द्वारा किया जा रहा है।

निम्नलिखित विषयों पर शोधआलेख आमंत्रित हैं :-
(शोध आलेख सीधे सृजन ऑस्ट्रेलिया की वेबसाईट (https://srijanaustralia.srijansansar.com) पर जमा करें :
१) अनुवाद की संकल्पना और स्वरुप
२) अनुवाद की आवश्यकता
३) अनुवाद के सिद्धांत
४) अनुवाद विज्ञान
५ )अनुवाद की सृजनशीलता
६) भारतीय भाषा और अनुवाद
७) विदेशी भाषा और अनुवाद
८) अनुवाद की प्रक्रिया
९) अनुवाद के तत्व
१०) अनुवाद का इतिहास
११)अनुवाद के प्रकार
१२)अनुवाद और कौशल्य
१३)अनुवादक के गुण
१४)विखंडनवाद और अनुवाद
१५) अनुवाद की सीमाएँ
१६) अनुवाद का शास्त्रीय विवेचन
१७) अनुवाद का व्यावहारिक विवेचन
१८)अनुवाद की तकनीक
१९)साहित्य और साहित्येतर अनुवाद: तुलना
२०)भूमंडलीकरण और अनुवाद
२१)यंत्रानुवाद की समस्याएँ
२२)भाषाविज्ञान और अनुवाद
२३)शैलीविज्ञान और अनुवाद
२४)काव्यशात्र और अनुवाद
२५) अकादमिक विषयों की अनुवाद की चुनौतियाँ और संभावना
२६) अंग्रेजी के अनुवाद कीचु नौतियाँ और संभावना
२७) हिंदी के अनुवाद की चुनौतियाँ और संभावना
२८) मराठी के अनुवाद की नौतियाँ और संभावना
२९)इतिहास के अनुवाद कीचु नौतियाँ और संभावना
३०) भूगोल के अनुवाद की चुनौतियाँ और संभावना
३१) राज्य शास्त्र के अनुवाद की चुनौतियाँ और संभावना
३२) अर्थ शास्त्र के अनुवाद की चुनौतियाँ और संभावना
३३) वाणिज्य केअनुवाद की चुनौतियाँ और संभावना
३४) पत्रकारिता के अनुवाद की चुनौतियाँ और संभावना
३५) विज्ञान के अनुवाद की चुनौतियाँ और संभावना
३६) जैव तंत्र ज्ञान के अनुवाद कीचु नौतियाँ और संभावना
३७) दवासाजी (Pharmacy) केअनुवाद की चुनौतियाँ और संभावना
३८) व्यवस्थापन (Management) के अनुवाद की चुनौतियाँ और संभावना
३९) नर्सिंग /दाई (nursing) के अनुवाद की चुनौतियाँ और संभावना
४०) सिनेमा और अनुवाद

टेलीग्राम लिंक – https://t.me/SrijanAustraliaIEJournaL

पंजीकरण लिंक – https://forms.gle/KB1Sys5xi3uh94rz6

Last Updated on October 28, 2020 by srijanaustralia

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    22 thoughts on ““अकादमिक विषयों के अनुवाद की उभरती प्रवृत्तियाँ” विषय पर अंतरराष्ट्रीय वेबगोष्ठी 8 नवंबर को”

    1. Dr Gulabchand Patel

      अनुवादक के लिए बहुत महत्वपूर्ण भूमिका अदा कर रहे हैं, ये जरूरी है कि एक भाषा से दूसरी भाषा में अन्य देशों और क्षेत्रों में लोगों तक साहित्य संस्कृति पहुचे और लोग लाभान्वित हो सके, अनुवादक प्रोत्साहित होगा

      1. Dr Shobha Rani Srivastava

        अनुवाद के क्षेत्र मे ये अत्युत्तम श्लाघ्नीय कार्य है ।इससे अपनी साहित्य संस्कृति साधना अन्य देशों में भी समादृत होगी । बहुत -बहुत साधुवाद।

    2. Prof. Sudha Jitender, Guru Nanak Dev University,Amritsar, Punjab

      विश्वीकरण की प्रक्रिया में अनुवाद की अभूतपूर्व भूमिका है। अत्यंत सारगर्भित विषय पर वेबगोष्ठी आयोजित करने के लिए साधुवाद।

    3. डाॅ शोभा रानी श्रीवास्तव

      ”सृजन आस्ट्रेलिया ई पत्रिका ” के अन्तर्गत अत्यधिक उपयोगी विषयों पर बेबिनारों के उत्कृष्ट आयोजन होते रह्ते हैं। मै सृजन आस्ट्रेलिया के प्रति पुनः पुनः बहुत आभार व्यक्त करती हूँ ।

    4. प्रीत तिवारी "नमन"

      सहित्य एवं समाज व विश्व को एकीकृत करने मे अनुवाद की महत्वपूर्ण भुमिका है ,मै सृजन आस्ट्रेलिया को समय समय पर इस तरह के कर्य्जृं आयोजन के लिये धन्यवाद करती हूँ ।

    5. Om Prakash Sachdeva

      साहित्य किसी भी समाज का एक दर्पण होता है ! विभिन्न संस्कृतियाँ और उससे सम्बंधित साहित्य वैश्विक समाज को एक दूसरे से जोड़ता है ! इस आशय से सृजन ऑस्ट्रेल्या का यह प्रयास सराहनीय है और मैं उसकी वंदना करता हूँ !
      ओम् प्रकाश सचदेवा
      संस्कृत एवं हिन्दी शिक्षक

    6. अप्सरा उन्नीसा सय्यद

      मैं अप्सरा उन्नीसा सय्यद स्नातक प्रक्षिशित शिक्षिका हिंदी, जवाहर नवोदय विद्यालय खेडगांव ढिंडोरी नासिक महाराष्ट्र भारत से। सृजन ऑस्ट्रेलिया के कार्यक्रम बहुत ही सराहनीय है।

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