न्यू मीडिया में हिन्दी भाषा, साहित्य एवं शोध को समर्पित अव्यावसायिक अकादमिक अभिक्रम

डॉ. शैलेश शुक्ला

सुप्रसिद्ध कवि, न्यू मीडिया विशेषज्ञ एवं प्रधान संपादक, सृजन ऑस्ट्रेलिया

सृजन ऑस्ट्रेलिया | SRIJAN AUSTRALIA

विक्टोरिया, ऑस्ट्रेलिया से प्रकाशित, विशेषज्ञों द्वारा समीक्षित, बहुविषयक अंतर्राष्ट्रीय ई-पत्रिका

A Multidisciplinary Peer Reviewed International E-Journal Published from, Victoria, Australia

डॉ. शैलेश शुक्ला

सुप्रसिद्ध कवि, न्यू मीडिया विशेषज्ञ एवं
प्रधान संपादक, सृजन ऑस्ट्रेलिया

श्रीमती पूनम चतुर्वेदी शुक्ला

सुप्रसिद्ध चित्रकार, समाजसेवी एवं
मुख्य संपादक, सृजन ऑस्ट्रेलिया

राष्ट्रीय बालिका दिवस पर समर्पित कविता – “कहो मुझे भगवान”

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कहो मुझे भगवान

जब जन्मीं ममता के आँचल
हँसकर माँ ने गले लगाया
सबने बता कर भार घर का
खुशियों से मुझको ठुकराया
तूं ही बता मेरी जग में, है कैसी पहचान
मैं कैसी रचना तेरी हूँ, कहो मुझे भगवान

शिशुपन का रोना मेरा
सब के गानों को कहराता था
पिता के पैरों की में बेड़ियां
हर कोई यही बताता था
तूं बता ईश्वर मुझको, कहां मिलेगा सम्मान
मैं कैसी रचना तेरी हूँ, कहै मुझे भगवान

टपकते आँसू वह सा बचपन
मुझे कोई समझ नहीं पाया
सबके बाद की पात्र कहकर
बेटों से मुझे अलग बताया
घुटती रही इच्छाएं मेरी रहे टूटते अरमान
मैं कैसी रचना तेरी हूँ, कहो मुझे भगवान

सदा पराया मुझे कहकर
भाई जितना मान न पाया
अबला मानकर वंचित किया
कहीं पूरा सम्मान न पाया
प्राण मुझमें, प्रतिवेदना भी, मुझ में भी जान
मैं कैसी रचना तेरी हूँ, कहो मुझे भगवान

नहीं पढ़ाया मुझको उतना
नहीं मिल पाई सुविधाएं
लड़की होने की अपराधिन
बनी जीवन भर की बाधाएं
सदा उलाहना में बीता,समय बन वर्तमान
मैं कैसी रचना तेरी हूँ, कहो मुझे भगवान

हंँसी खुशी खेल ठिठोली
खुलकर खेलना पाई
जिस माँ ने जन्म दिया
वह भी कहती मुझे पराई
धन पराया साबित थी, होकर सनाथ संतान
मैं कैसी रचना तेरी हूँ, कहो मुझे भगवान

मेहंदी रची हाथों पर मेरे
जब हुई मेरी विदाई
पराए घर जा रही थी मैं
होकर और भी पराई
धन्य हुए माता पिता, मेरे करके कन्यादान
मैं कैसी रचना तेरी हूँ, कहो मुझे भगवान

बेटी थी तब भी पराई
बहू बन कर भी रही पराई
काट रही हूँ अपना जीवन
हे ईश्वर होकर तेरी परछाई
सब मौन इस प्रश्न पर, मैं किसका अभिमान
मैं कैसी रचना तेरी हूँ, कहो मुझे भगवान

हेतराम भार्गव “हिन्दी जुड़वाँ”
शिक्षा – MA हिन्दी, B. ED., NET 8 बार
सम्प्रति-हिन्दी शिक्षक, राजकीय आदर्श वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय करसान, शिक्षा विभाग केन्द्र शासित प्रदेश, चंडीगढ़
9829960882 [email protected]

माता-पिता – श्रीमती गौरां देवी, श्री कालूराम भार्गव
प्रकाशित रचनाएं –
जलियांवाला बाग दीर्घ कविता-खण्डकाव्य (लेखक द्वय हिन्दी जुड़वाँ)
मैं हिन्दी हूँ – राष्ट्रभाषा को समर्पित महाकाव्य-महाकाव्य (लेखक द्वय हिन्दी जुड़वाँ)
आकाशवाणी वार्ता – सिटी कॉटन चेनल सूरतगढ राजस्थान भारत
कविता संग्रह शीघ्र प्रकाश्य –
वीर पंजाब की धरती (लेखक द्वय हिन्दी जुड़वाँ – महाकाव्य )
उद्देश्य- हिंदी को प्रशासनिक कार्यालयों में लोकप्रिय व प्राथमिक संचार की भाषा बनाना।
साहित्य सम्मान –
स्वास्तिक सम्मान 2019 – कायाकल्प साहित्य फाउंडेशन नोएडा, उत्तर प्रदेश l
साहित्य श्री सम्मान 2020- साहित्यिक सांस्कृतिक शोध संस्थान, मुंबई महाराष्ट्र l
ज्ञानोदय प्रतिभा सम्मान 2020- ज्ञानोदय साहित्य संस्था कर्नाटक l
सृजन श्री सम्मान 2020 – सृजनांश प्रकाशन, दुमका झारखंड।
कला शिरोमणी साहित्य सम्मान 2020- ब्रजलोक साहित्य शोध संस्थान, आगरा उत्तर प्रदेश l

Last Updated on January 24, 2021 by hetrambhargav

  • हेतराम भार्गव "हिन्दी जुड़वाँ"
  • हिन्दी शिक्षक
  • शिक्षा विभाग केन्द्र शासित प्रदेश, चंडीगढ़
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  • राजकीय आदर्श वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय करसान, शिक्षा विभाग केन्द्र शासित प्रदेश, चंडीगढ़
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