न्यू मीडिया में हिन्दी भाषा, साहित्य एवं शोध को समर्पित अव्यावसायिक अकादमिक अभिक्रम

डॉ. शैलेश शुक्ला

सुप्रसिद्ध कवि, न्यू मीडिया विशेषज्ञ एवं प्रधान संपादक, सृजन ऑस्ट्रेलिया

सृजन ऑस्ट्रेलिया | SRIJAN AUSTRALIA

विक्टोरिया, ऑस्ट्रेलिया से प्रकाशित, विशेषज्ञों द्वारा समीक्षित, बहुविषयक अंतर्राष्ट्रीय ई-पत्रिका

A Multidisciplinary Peer Reviewed International E-Journal Published from, Victoria, Australia

डॉ. शैलेश शुक्ला

सुप्रसिद्ध कवि, न्यू मीडिया विशेषज्ञ एवं
प्रधान संपादक, सृजन ऑस्ट्रेलिया

श्रीमती पूनम चतुर्वेदी शुक्ला

सुप्रसिद्ध चित्रकार, समाजसेवी एवं
मुख्य संपादक, सृजन ऑस्ट्रेलिया

नववर्ष

Spread the love
image_pdfimage_print

 

विधा- मुक्तक
शीर्षक- नववर्ष

मधुमास की मीठी सुरभित पवन,
रसपान कराये घूम कर वन वन।
नव वर्ष में शरद का चंदा चमके-
सुन्दरी रजनी दमकी भवन भवन।।

प्रभा है प्रफुल्लित,तिमिर दूर भागे,
वैभव संग बढ़ी लक्ष्मी आगे आगे।
नववर्ष जीवन में मौलिकता लाए-
जनजीवन महके और भाग्य जागे।।

पिघल जाए मन,दूर हो दारुण दुख,
हो शीतलता मिले तप्त उर को सुख।
नववर्ष में ऊँच-नीच का न हो वास-
दूर हो कटुता,सर्वत्र हो प्रिय मुख।।

दिन बदला,रात हुई अब नई नवेली,
षडऋतु संग वसुंधरा होगी अलबेली।
नववर्ष में तन से लिपटे स्वस्थ धूप-
और जीवन बने आशा रुपी हवेली।।

मानव के लिए हो मंगलमय नववर्ष,
चहुँओर फैल जाए एक समान हर्ष।
सबके जीवन में आए ढेरों खुशियाँ-
समता के भाव से सबका हो उत्कर्ष।।

रचनाकार- मनोरमा शर्मा
स्वरचित एवं मौलिक

हैदराबाद 

तेलंगाना 

Last Updated on January 4, 2021 by manoramasharma521

  • मनोरमा शर्मा
  • शिक्षिका
  • हैदराबाद
  • [email protected]
  • [email protected]
Facebook
Twitter
LinkedIn

More to explorer

प्रतीकात्मक छवि

साहित्यिक पत्रिकाओं को प्रतिद्वन्द्विता की दौड़ से बाहर निकालकर एक परिवार बनाने का उपक्रम है यह सम्मेलन-डॉ विकास दवे

Spread the love

Spread the love Print 🖨 PDF 📄 eBook 📱 साहित्यिक पत्रिकाओं को प्रतिद्वन्द्विता की दौड़ से बाहर निकालकर एक परिवार बनाने का उपक्रम

प्रतीकात्मक छवि

मध्य प्रदेश संस्कृति विभाग के साहित्य अकादमी की ऐतिहासिक पहल की समीक्षा

Spread the love

Spread the love Print 🖨 PDF 📄 eBook 📱मध्य प्रदेश संस्कृति विभाग के साहित्य अकादमी की ऐतिहासिक पहल की समीक्षा साहित्यिक पत्रिकाओं

प्रतीकात्मक छवि

जरूरी और उपयोगी है संपादकीय कर्म की चुनौतियों पर प्रशिक्षण और संपादकों के बीच आपसी विमर्श – डॉ. शैलेश शुक्ला

Spread the love

Spread the love Print 🖨 PDF 📄 eBook 📱 जरूरी और उपयोगी है संपादकीय कर्म की चुनौतियों पर प्रशिक्षण और संपादकों के

Leave a Comment

error: Content is protected !!