न्यू मीडिया में हिन्दी भाषा, साहित्य एवं शोध को समर्पित अव्यावसायिक अकादमिक अभिक्रम

डॉ. शैलेश शुक्ला

सुप्रसिद्ध कवि, न्यू मीडिया विशेषज्ञ एवं प्रधान संपादक, सृजन ऑस्ट्रेलिया

सृजन ऑस्ट्रेलिया | SRIJAN AUSTRALIA

विक्टोरिया, ऑस्ट्रेलिया से प्रकाशित, विशेषज्ञों द्वारा समीक्षित, बहुविषयक अंतर्राष्ट्रीय ई-पत्रिका

A Multidisciplinary Peer Reviewed International E-Journal Published from, Victoria, Australia

डॉ. शैलेश शुक्ला

सुप्रसिद्ध कवि, न्यू मीडिया विशेषज्ञ एवं
प्रधान संपादक, सृजन ऑस्ट्रेलिया

श्रीमती पूनम चतुर्वेदी शुक्ला

सुप्रसिद्ध चित्रकार, समाजसेवी एवं
मुख्य संपादक, सृजन ऑस्ट्रेलिया

प्रो नीलू गुप्ता की अध्यक्षता में अंतरराष्ट्रीय कवि सम्मेलन सम्पन्न

Spread the love
image_pdfimage_print

विश्व हिंदी सचिवालय, मॉरीशस  न्यू मीडिया सृजन संसार ग्लोबल फाउंडेशन एवं सृजन ऑस्ट्रेलिया अंतरराष्ट्रीय ई- पत्रिका के संयुक्त  तत्वावधान में एक  अंतरराष्ट्रीय कवि सम्मेलन का आयोजन 17 जनवरी 2021 को सफलता पूर्वक संपन्न हुआ। कैलिफोर्निया, अमेरिका से प्रो नीलू गुप्ता जी के अध्यक्षता में आयोजित हुए इस कवि सम्मेलन में दुनियाभर से हिन्दी रचनाकार सम्मिलित हुए। मुख्य अतिथि के रूप में प्रो. हितेंद्र मिश्रा, पू. प. विश्वविद्यालय, शिलांग, मेघालय, भारत उपस्थित रहे। यह कवि सम्मेलन विश्व हिंदी सचिवालय, मॉरीशस के महासचिव प्रो. विनोद कुमार मिश्र जी के सान्निध्य संपन्न हुआ जिसमें सृजन ऑस्ट्रेलिया अंतरराष्ट्रीय ई- पत्रिका के प्रधान संपादक श्री शैलेश शुक्ला ने आयोजक और संचालक की भूमिका निभाई।

विशिष्ट अतिथि के रूप में श्री हरिहर झा, मेलबोर्न, ऑस्ट्रेलिया से एवं डॉ. नूतन पांडेय, दिल्ली, भारत से सम्मिलित हुए । यह कवि सम्मलेन गूगल मीट के माध्यम से ऑनलाइन आयोजित किया गया से फेसबुक लाइव के द्वारा एक हजार से अधिक श्रोताओं ने कार्यक्रम को देखा और सुना । मॉरीशस, अमेरिका, ऑस्ट्रेलिया, पपुआ न्यु गिनी और सिंगापुर से कविगण उपस्थित हुआ और अपनी कविताओं के सुमधुर पाठ से श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया । सभी प्रमुख वक्ताओं ने वैश्विक स्तर पर हिंदी के प्रसार- प्रसार में सृजन ऑस्ट्रेलिया अंतरराष्ट्रीय ई- पत्रिका द्वारा निभाए जा रहे इस महत्वपूर्ण भुमिका की सराहना की और विश्वास जताया कि आने वाले समय में सृजन ऑस्ट्रेलिया अंतरराष्ट्रीय ई- पत्रिका वैश्विक स्तर पर हिंदी को विश्व की भाषा बनाने में सफलता अपना बहुमूल्य योगदान देगा ।

सृजन ऑस्ट्रेलिया अंतरराष्ट्रीय ई- पत्रिका की मुख्य संपादक श्रीमती पूनम चतुर्वेदी शुक्ला ने जानकारी देते हुए बताया कि सृजन ऑस्ट्रेलिया अंतरराष्ट्रीय ई पत्रिका एवं न्यू मीडिया सृजन संसार ग्लोबल फाउंडेशन, विश्व हिन्दी सचिवालय, मॉरिशस के साथ मिल कर इस तरह का आयोजन लगातार कर रहा है जिसमें दुनिया भर से हिन्दी प्रेमी शामिल होते है। इसके साथ ही उन्होंने बताया कि हम विभिन्न अवसरों पर अंतरराष्ट्रीय काव्य लेखन प्रतियोगिता का आयोजन करते है। प्रतियोगिता में शामिल हुए श्रेष्ठ कवियों को चुन कर अंतरराष्ट्रीय कवि सम्मेलन में काव्य पाठ के लिए आमंत्रित किया जाता है।

रविवार को आयोजित हुए इस अंतरराष्ट्रीय कवि सम्मेलन में सिंगापुर से शीतल जैन, मॉरीशस से कविराज बाबू, झमन वशिष्ट, अंजलि हजगैबि, राज हीरामन, कैलाश और शिक्षा गजाधार, पापुआ न्यू गिनी से संदीप सिंधवाल ने काव्य-पाठ किया। मॉरिशस से सृजन ऑस्ट्रेलिया की राष्ट्रीय संयोजन डॉ. कल्पना लाल जी और मॉरीशस में भारत की हिंदी एवं संस्कृति के लिए द्वितीय सचिव सुश्री सुनीता पाहुजा की गरिमामय उपस्थिति रही, दोनों ने अपनी रचनाओं का काव्य पाठ भी किया और सुन्दर आयोजन के लिए सभी कविगण एवं आयोजकों की सराहना की।

Last Updated on January 18, 2021 by srijanaustralia

  • न्यू मीडिया सृजन संसार ग्लोबल फाउंडेशन
  • गैर सरकारी संगठन
  • न्यू मीडिया सृजन संसार ग्लोबल फाउंडेशन
  • [email protected]
  • बेल्लारी, कर्नाटक, भारत
Facebook
Twitter
LinkedIn

More to explorer

123

हिन्दी पत्रकारिता के 200 वर्ष : भोपाल में जुटेंगे देश-विदेश के मनीषी, समकालीन चुनौतियों और भविष्य पर होगा व्यापक विमर्श

Spread the love

Spread the love Print 🖨 PDF 📄 eBook 📱हिन्दी पत्रकारिता के 200 वर्ष : भोपाल में जुटेंगे देश-विदेश के मनीषी, समकालीन चुनौतियों

4 thoughts on “प्रो नीलू गुप्ता की अध्यक्षता में अंतरराष्ट्रीय कवि सम्मेलन सम्पन्न”

  1. Dr Gulabchand Patel

    बहुत ही उम्दा कार्य हिंदी कवि सम्मेलन के माध्यम से जो हो रहा है यह अभिनंदन के अधिकारी हे, हार्दिक बधाई

  2. शिवमंगल सिंह

    प्रेम क्या है?
    _________
    प्रेम पतझड़ में
    ऋतु राज वसंत हु
    सुखे- तपते जीवन में
    वर्षा की रिमझिम पुकार है
    कठोरता में भी
    कोमलता का एहसास है
    घोर निराशा में भी
    आशा का संचार है
    जीवन की रसात्मक अनुभूति है
    जो हमारी संवेदना को
    गहराई तक स्पर्श करती है
    इसीलिए तो
    इस जगत के समस्त जीव -जन्तु
    प्रेम के भूखे हैं
    उसे पा कर आन्नद आत्म विभोर हो जाते हैं
    जहाँ प्रेम है
    वही स्वर्ग है
    जहाँ प्रेम नहीं होता
    वही नरक है
    इस अखिल जगत के कण-कण मे
    प्रेम समाहित हैं
    यह अंनत व्यापक है
    इसमें अदभूत आर्कषण है
    दुनिया भर के
    महाकवियों और दार्शनिकों ने
    हम सबको प्रेम के पाठ पढ़ायें
    यदि इस दुनिया में
    चारों ओर प्रेम के संचार हो जाय
    खुशहाली फैल जाय
    नफरत और हिंसा से
    यह दुनिया मुक्त हो जाय.

    शिवमंगल सिंह
    प्रेम कविता प्रतियोगिता के लिए
    सादर भेंट

Leave a Comment

error: Content is protected !!