पुलवामा शहीदों को नमन
हमारे देश के वीर सिपाही जो सीमा पर रक्षा करते हुए आज के ही
दिन 14 फरवरी 2019 को पुलवामा हमले में शहीद हो गए उन
वीर शहीदों को नमन करते हुए यह कविता प्रस्तुत की गई है।
कहां से लाऊं उन वीरों को जो कुर्बान हो गये
जो कल तक हमारे साथ थे वो इतिहास हो गये
भुलेगा न उस भयानक मंजर को कभी मेरा देश
आए थे सीमापार से भेड़िए धरकर काल का भेष
कैसे प्रेम दिवस मनाऊं कैसे इस हृदय को समझाऊं
जी चाहता है कोई मल्हार राग गाकर खुद को बहलाऊं
पत्थर दिल हो चुके उन्हें, उन वीरों की याद दिलाऊं
नमन कर शहीदों को श्रद्धांजलि देकर दीप जलाऊं
वो भी प्यार था किसी का, लाल था किसी मां का
उनकी याद में दिल से कुछ अश्रु बहालो उनके नाम का
आज घर में खुशियां मना रहे हैं हम अपनों के साथ
ये सब उत्सव खुशियाँ मिली है हमें इन वीरों के हाथ
उनके भी कुछ सपने हैं, इंतजार करने वाले उनके अपने हैं
उनके घर में भी दीप दिवाली होली रंगोली के सपने हैं
पत्थर नहीं हुआ है दिल मेरा, आँखों में नमी है अभी
रो रहा है उनकी याद में जो घर नहीं आया कभी
पिंकी “हरि” भार्गव
हिंदी भवन
कराला, नयी दिल्ली
Last Updated on February 14, 2021 by bhargavahari22
- पिंकी "हरि" भार्गव
- गृहणी
- स्वतंत्र कवयित्री
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- हिंदी भवन कराला, नयी दिल्ली







