न्यू मीडिया में हिन्दी भाषा, साहित्य एवं शोध को समर्पित अव्यावसायिक अकादमिक अभिक्रम

डॉ. शैलेश शुक्ला

सुप्रसिद्ध कवि, न्यू मीडिया विशेषज्ञ एवं प्रधान संपादक, सृजन ऑस्ट्रेलिया

सृजन ऑस्ट्रेलिया | SRIJAN AUSTRALIA

विक्टोरिया, ऑस्ट्रेलिया से प्रकाशित, विशेषज्ञों द्वारा समीक्षित, बहुविषयक अंतर्राष्ट्रीय ई-पत्रिका

A Multidisciplinary Peer Reviewed International E-Journal Published from, Victoria, Australia

डॉ. शैलेश शुक्ला

सुप्रसिद्ध कवि, न्यू मीडिया विशेषज्ञ एवं
प्रधान संपादक, सृजन ऑस्ट्रेलिया

श्रीमती पूनम चतुर्वेदी शुक्ला

सुप्रसिद्ध चित्रकार, समाजसेवी एवं
मुख्य संपादक, सृजन ऑस्ट्रेलिया

सुखबीर दुहन की नई कविता- हालात-ए-किसान

Spread the love
image_pdfimage_print

हालात ए किसान

यह जो तेरे घर में अन्न आया है।
जरा सोचो किसने पसीना बहाया है।
चाह मिटायी , चिन्ता पाई , चैन की नींद ना आई,
तुझे दिया, खुद न खाया, बासी रोटी से भूख मिटाई।
भोर उठा , मुंह न धोया ,मिट्टी से सनी काया ,
फटे कपड़े टूटी चप्पल ,आदर भी ना पाया।
दीनहीन लगता रहता, हाथ में न कमाई,
खेत-खलिहानों में ही पूरी जिंदगी बिताई।
थका मांदा लगा रहता ,इसने ना चैन पाया,
कभी सूखा ,कभी बाढ़, ओलों ने बड़ा सताया।
जलती धूप , चमकती बिजली, ठंड इसे काम से न रोक पाई,
स्वयं ना बचे भले तूफानों से, मगर अपनी फसल बचाई ।
यह जो तेरे घर में अन्न आया है,
एक किसान ने पसीना बहाया है।

-डॉ. सुखबीर दुहन, हिसार

Last Updated on December 4, 2020 by hisarsushil

  • डाॅ. सुखबीर दूहन
  • सहायक प्रोफेसर ,
  • SRIJAN AUSTRALIA
  • [email protected]
  • राजकीय स्नातोकोत्तर महावि़द्यालय,हिसार ,हरियाणा
Facebook
Twitter
LinkedIn

More to explorer

123

हिन्दी पत्रकारिता के 200 वर्ष : भोपाल में जुटेंगे देश-विदेश के मनीषी, समकालीन चुनौतियों और भविष्य पर होगा व्यापक विमर्श

Spread the love

Spread the love Print 🖨 PDF 📄 eBook 📱हिन्दी पत्रकारिता के 200 वर्ष : भोपाल में जुटेंगे देश-विदेश के मनीषी, समकालीन चुनौतियों

Leave a Comment

error: Content is protected !!