न्यू मीडिया में हिन्दी भाषा, साहित्य एवं शोध को समर्पित अव्यावसायिक अकादमिक अभिक्रम

डॉ. शैलेश शुक्ला

सुप्रसिद्ध कवि, न्यू मीडिया विशेषज्ञ एवं प्रधान संपादक, सृजन ऑस्ट्रेलिया

सृजन ऑस्ट्रेलिया | SRIJAN AUSTRALIA

विक्टोरिया, ऑस्ट्रेलिया से प्रकाशित, विशेषज्ञों द्वारा समीक्षित, बहुविषयक अंतर्राष्ट्रीय ई-पत्रिका

A Multidisciplinary Peer Reviewed International E-Journal Published from, Victoria, Australia

डॉ. शैलेश शुक्ला

सुप्रसिद्ध कवि, न्यू मीडिया विशेषज्ञ एवं
प्रधान संपादक, सृजन ऑस्ट्रेलिया

श्रीमती पूनम चतुर्वेदी शुक्ला

सुप्रसिद्ध चित्रकार, समाजसेवी एवं
मुख्य संपादक, सृजन ऑस्ट्रेलिया

वो मौन था

Spread the love
image_pdfimage_print

वो मौन था,नि:शब्द था।
आगे बढने की राह ढूंढता था।
किसी के लिए परवाह ढूंढता था।
क्या हुआ है आज गुनाह ढूंढता था।
ढृढता तो थी उसमें,शांत था लहरों सा।
मानों जीवन की नदिया का थाह ढूंढता था।।

वो गौण नहीं हो सकता,शायद इसलिए।
शायद वो बतला भी दे है मौन किसलिए।
पथ पर बढने की चाह रहा हो जिसलिए।
वो फिर ठहरा सा है पथ में किसलिए।
इच्छाएँ बलबती हो उठी,शभ्रांत था लहरों सा।
वो अपने जीवन में दूविधा अथाह ढूंढता था।।

वो मुफिलिसी का इस कदर से मारा था।
लगता तो है शायद वो वक्त से हारा था।
उसके नयना बतलाते,सच उसने स्वीकारा था।
और यही बस लगता,वो बस इक वेचारा था।
आज बदलेगा वो फिर,नितांत था लहरों सा।
अभी-अभी वो दिल में उठता आह ढूंढता था।।

वो मौन था,तो क्या,अभिलाषा से दूर नहीं।
फिर से ना संभले,ऐसा लगता तो मजबूर नही।
चाहे पथ में कंकर-कांटें हो,लगता मंजिल दूर नहीं।
वो मौन ही है शायद,पर वो शायद है मगरूर नहीं।
अभी-अभी पलके झपका कर,शांत था लहरों सा।
वो पथिक ढृढ निश्चयी है,अपना निशां ढूंढता था।।

Last Updated on February 15, 2021 by madanmohanthakur45

  • मदन मोहन
  • मैत्रेय
  • सेल्फवर्क
  • [email protected]
  • Vill & po-Ratanpur PS-Kamtaul Dist-Darbhanga Bihar India 847307
Facebook
Twitter
LinkedIn

More to explorer

fafa

हिंदी पत्रकारिता का वैश्विक विस्तार: विरासत, विकास और भविष्य का विराट विमर्श

Spread the love

Spread the love Print 🖨 PDF 📄 eBook 📱हिंदी पत्रकारिता का वैश्विक विस्तार: विरासत, विकास और भविष्य का विराट विमर्श डॉ. शैलेश

123

हिन्दी पत्रकारिता के 200 वर्ष : भोपाल में जुटेंगे देश-विदेश के मनीषी, समकालीन चुनौतियों और भविष्य पर होगा व्यापक विमर्श

Spread the love

Spread the love Print 🖨 PDF 📄 eBook 📱हिन्दी पत्रकारिता के 200 वर्ष : भोपाल में जुटेंगे देश-विदेश के मनीषी, समकालीन चुनौतियों

Leave a Comment

error: Content is protected !!