न्यू मीडिया में हिन्दी भाषा, साहित्य एवं शोध को समर्पित अव्यावसायिक अकादमिक अभिक्रम

डॉ. शैलेश शुक्ला

सुप्रसिद्ध कवि, न्यू मीडिया विशेषज्ञ एवं प्रधान संपादक, सृजन ऑस्ट्रेलिया

सृजन ऑस्ट्रेलिया | SRIJAN AUSTRALIA

विक्टोरिया, ऑस्ट्रेलिया से प्रकाशित, विशेषज्ञों द्वारा समीक्षित, बहुविषयक अंतर्राष्ट्रीय ई-पत्रिका

A Multidisciplinary Peer Reviewed International E-Journal Published from, Victoria, Australia

डॉ. शैलेश शुक्ला

सुप्रसिद्ध कवि, न्यू मीडिया विशेषज्ञ एवं
प्रधान संपादक, सृजन ऑस्ट्रेलिया

श्रीमती पूनम चतुर्वेदी शुक्ला

सुप्रसिद्ध चित्रकार, समाजसेवी एवं
मुख्य संपादक, सृजन ऑस्ट्रेलिया

प्रेम काव्य अंर्तराष्ट्रीय प्रतियोगिता

Spread the love
image_pdfimage_print

तुम—
मुझे अच्छा लगता है जब कोई मुझे तुम कहता है।
सुन रहे हो न तुम,
मुझे अच्छा लगता है जब कोई मुझे तुम कहता है।
क्योंकि मैं
तुम में ही तो हूँ,
तुम से ही तो हूँ,
तुम में ही तो मैं विलीन हूँ।
क्योंकि,
मैं हूँ ही नहीं, तुम ही तुम हो,
मेरे ख्यालों में, मेरे सवालों में,
मेरी नींदों में , मेरे ख्वाबों में,
मेरी जागृति में, मेरे फैसलों में,
मेरे अस्तित्व में, मेरे रोम- रोम में।
तुम ही तुम हो, मैं कहीं नहीं।
मेरे मानस पटल की हर दीवार और कौने में,
हो सके तो झांक कर देख लो,
क्या मालूम तुम फिर कभी आईना न देखो।
मुझे अच्छा लगता है जब कोई मुझे तुम कहता है।
क्योंकि मैं तुम में ही हूँ, तुम से ही हूँ।
क्या तुम्हें कुछ अच्छा नहीं लगता?
लग भी कैसे सकता है,
क्योंकि तुम तो तुम हो।
एक दिन जब तुम, तुम नहीं रहोगे,
तब,
तुम्हें भी कुछ अच्छा लगेगा।
मुझे अच्छा लगता है जब कोई मुझे तुम कहता है।

Last Updated on January 16, 2021 by rajnichanchal10

  • डॉ. रजनी कुमारी
  • सहायक प्राध्यापक
  • राजकीय महाविद्यालय बिलाबर
  • [email protected]
  • राजकीय महाविद्यालय बिलाबर, कठुआ, जम्मू, जम्मू कश्मीर-184204
Facebook
Twitter
LinkedIn

More to explorer

प्रतीकात्मक छवि

साहित्यिक पत्रिकाओं को प्रतिद्वन्द्विता की दौड़ से बाहर निकालकर एक परिवार बनाने का उपक्रम है यह सम्मेलन-डॉ विकास दवे

Spread the love

Spread the love Print 🖨 PDF 📄 eBook 📱 साहित्यिक पत्रिकाओं को प्रतिद्वन्द्विता की दौड़ से बाहर निकालकर एक परिवार बनाने का उपक्रम

प्रतीकात्मक छवि

मध्य प्रदेश संस्कृति विभाग के साहित्य अकादमी की ऐतिहासिक पहल की समीक्षा

Spread the love

Spread the love Print 🖨 PDF 📄 eBook 📱मध्य प्रदेश संस्कृति विभाग के साहित्य अकादमी की ऐतिहासिक पहल की समीक्षा साहित्यिक पत्रिकाओं

प्रतीकात्मक छवि

जरूरी और उपयोगी है संपादकीय कर्म की चुनौतियों पर प्रशिक्षण और संपादकों के बीच आपसी विमर्श – डॉ. शैलेश शुक्ला

Spread the love

Spread the love Print 🖨 PDF 📄 eBook 📱 जरूरी और उपयोगी है संपादकीय कर्म की चुनौतियों पर प्रशिक्षण और संपादकों के

Leave a Comment

error: Content is protected !!