न्यू मीडिया में हिन्दी भाषा, साहित्य एवं शोध को समर्पित अव्यावसायिक अकादमिक अभिक्रम

डॉ. शैलेश शुक्ला

सुप्रसिद्ध कवि, न्यू मीडिया विशेषज्ञ एवं प्रधान संपादक, सृजन ऑस्ट्रेलिया

सृजन ऑस्ट्रेलिया | SRIJAN AUSTRALIA

विक्टोरिया, ऑस्ट्रेलिया से प्रकाशित, विशेषज्ञों द्वारा समीक्षित, बहुविषयक अंतर्राष्ट्रीय ई-पत्रिका

A Multidisciplinary Peer Reviewed International E-Journal Published from, Victoria, Australia

डॉ. शैलेश शुक्ला

सुप्रसिद्ध कवि, न्यू मीडिया विशेषज्ञ एवं
प्रधान संपादक, सृजन ऑस्ट्रेलिया

श्रीमती पूनम चतुर्वेदी शुक्ला

सुप्रसिद्ध चित्रकार, समाजसेवी एवं
मुख्य संपादक, सृजन ऑस्ट्रेलिया

पूछते हो मैं कौन हूं….

Spread the love
image_pdfimage_print

मैं अर्पण हूं,समर्पण हूं,

श्रद्धा हूं,विश्वास हूं।

जीवन का आधार,

प्रीत का पारावार,

प्रेम की पराकाष्ठा,

वात्सल्य की बहार हूं।

तुम पूछते हो मैं कौन हूं?

 

मैं ही मंदिर, देवप्रतिमा।

मैं ही अरुण, अरुणिमा।

मैं ही रक्त, रक्तिमा।

मैं ही गर्व ,गरिमा।

 

मैं ही सरस्वती, ज्ञानवती

मैं ही बलवती, भगवती

मैं ही गौरी, मैं ही काली

मैं ही उपवन,मैं ही माली।

 

मैं ही उदय, मैं ही अस्त,

मैं ही अवनि ,मैं ही अम्बर।

मैं अन्नपूर्णा, सर्वजन अभिलाषा

करुणा, धैर्य, शौर्य की परिभाषा।

मैं ही मान, मैं ही अभिमान

मैं ही उपमेय, मैं ही उपमान।

मैं ही संक्षेप, मैं ही विस्तार

मैं ही जीवन, जीवन का सार।

 

मैं भूत, भविष्य, वर्तमान हूं,

हर तीज- त्योहार की आन हूं

सुनी कलाई का अभिमान हूं।

और..तुम पूछते हो मैं कौन हूं”?

 

तो सुनो, अब ध्यान लगाकर..

मैं पापा की परी, मां की गुड़िया,

दादा की लाडो,दादी की मुनिया।

काका की गुड्डो, काकी की लाली,

भैया की छुटकी, दीदी की आली।

 

मैं ही रौनक, मैं ही सबकी शान हूं।

मैं ही दानी, मैं ही सबसे बड़ा दान हूं।

मैं ही सबसे बड़ा दान हूं………….।

अब तो समझ गए कि मैं कौन हूं….?

 

लेखक: 

सुशील कुमार ‘नवीन’

लेखक वरिष्ठ पत्रकार और शिक्षाविद है।

96717-26237

 
 

Last Updated on March 8, 2021 by hisarsushil

  • सुशील कुमार 'नवीन'
  • Deputy Editor
  • सृजन ऑस्ट्रेलिया
  • [email protected]
  • hisar
Facebook
Twitter
LinkedIn

More to explorer

प्रतीकात्मक छवि

साहित्यिक पत्रिकाओं को प्रतिद्वन्द्विता की दौड़ से बाहर निकालकर एक परिवार बनाने का उपक्रम है यह सम्मेलन-डॉ विकास दवे

Spread the love

Spread the love Print 🖨 PDF 📄 eBook 📱 साहित्यिक पत्रिकाओं को प्रतिद्वन्द्विता की दौड़ से बाहर निकालकर एक परिवार बनाने का उपक्रम

प्रतीकात्मक छवि

मध्य प्रदेश संस्कृति विभाग के साहित्य अकादमी की ऐतिहासिक पहल की समीक्षा

Spread the love

Spread the love Print 🖨 PDF 📄 eBook 📱मध्य प्रदेश संस्कृति विभाग के साहित्य अकादमी की ऐतिहासिक पहल की समीक्षा साहित्यिक पत्रिकाओं

प्रतीकात्मक छवि

जरूरी और उपयोगी है संपादकीय कर्म की चुनौतियों पर प्रशिक्षण और संपादकों के बीच आपसी विमर्श – डॉ. शैलेश शुक्ला

Spread the love

Spread the love Print 🖨 PDF 📄 eBook 📱 जरूरी और उपयोगी है संपादकीय कर्म की चुनौतियों पर प्रशिक्षण और संपादकों के

Leave a Comment

error: Content is protected !!