वीरों की कहानी
आओ एक कहानी देश के वीरों के नाम लिखते हैं
आओ वीर शहीदों के जीवन से हम कुछ सीखते हैं
जब-जब वीर शहीदों की कहानी दोहराओगे
तब तब नया इतिहास, जीने के लिए पाओगे
भारत माँ को आजाद कराने की कसमें खाई थी
प्राण देकर इन वीरों ने अपनी कसमें निभाई थी
याद करो उन वीरों को कभी ने हम भूल पाए
हम भी देश हित कुछ कर, अपना फर्ज निभाएं
क्रांति वीरों ने जेलों में भूखे रहकर दिन बिताए थे
गौरों की अमानवीय यातना से बिल्कुल न घबराए थे
भगतसुखदेवगुरु की हड़ताल सावरकर को काला पानी
कितने नाम गिनाए अद्भुत, लंबी आजादी की कहानी
कोड़ों की मार, जख्मों पर नमक, कितनी गहरी पीड़ा
क्रांति वीर सहन कर गए देशहित, समझकर बाल क्रीड़ा
गौरों की नीति इन क्रांति वीरों को झुका न पाई
आखिर गौरों ने फूट डालो की नीति अपनाई
गौरों की कोई भी चाल वीरों के आङे न आयी
हर षड्यंत्र में गौरी सरकार ने मुंह की खाई
आजाद हुआ सन सैंतालीस को मेरा भारत महान
हम स्वाधीन हुए,हमें रहेगा शहीद वीरों पर अभिमान
पिंकी भार्गव “हरि”
हिंदी भवन
गाँव कराला
उत्तर पश्चिम – ब, नई दिल्ली भारत 110081
Last Updated on January 10, 2021 by bhargavahari22
- पिंकी भार्गव "हरि"
- स्वतंत्र कवयित्री
- मौलिक काव्य सृजन
- [email protected]
- पिंकी भार्गव हिंदी भवन गाँव कराला उत्तर पश्चिम - ब, नई दिल्ली भारत 110081








1 thought on “देश भक्ति काव्य लेखन प्रतियोगिता हेतु “वीरों की कहानी””
अति उत्तम