न्यू मीडिया में हिन्दी भाषा, साहित्य एवं शोध को समर्पित अव्यावसायिक अकादमिक अभिक्रम

डॉ. शैलेश शुक्ला

सुप्रसिद्ध कवि, न्यू मीडिया विशेषज्ञ एवं प्रधान संपादक, सृजन ऑस्ट्रेलिया

सृजन ऑस्ट्रेलिया | SRIJAN AUSTRALIA

विक्टोरिया, ऑस्ट्रेलिया से प्रकाशित, विशेषज्ञों द्वारा समीक्षित, बहुविषयक अंतर्राष्ट्रीय ई-पत्रिका

A Multidisciplinary Peer Reviewed International E-Journal Published from, Victoria, Australia

डॉ. शैलेश शुक्ला

सुप्रसिद्ध कवि, न्यू मीडिया विशेषज्ञ एवं
प्रधान संपादक, सृजन ऑस्ट्रेलिया

श्रीमती पूनम चतुर्वेदी शुक्ला

सुप्रसिद्ध चित्रकार, समाजसेवी एवं
मुख्य संपादक, सृजन ऑस्ट्रेलिया

वापस आओ ओ मेरी माँ

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वापस आओ ओ मेरी माँ

 

सात समंदर पारकर, हुई हो तुम आँखों से ओझल,

मिले बिन तुझे ओ मेरी माँ मेरा मन हुआ है मरुस्थल।

विदेश में रहकर है क्या हाल तेरा, कैसे ये मैं जानूँ ?

विडियो कॉल से बात किए, तेरी आँखों से क्या पहचानूँ ?

 

भैय्या- भाभी, मुन्ना- मुन्नी तो देखभाल करेंगे तेरी,

अपना देश -अपनापन कहाँ मिलेगा ओ माँ मेरी प्यारी?

आया होगा सपनों में बार-बार अपना घर, गलियारा।

भूलेगी कैसे सारे रिश्ते-नाते जीवन-भर जो तेरा मनहारा।

 

अपनी सहेलियाँ, यहाँ के मंदिर, अपना भगवद्गीता सत्संग।

हुआ है सूना, निहारे हैं राह सारे, लेकर तेरी वापसी की उमंग।

कब आओगी वापस ओ माँ, तरस रहीं है ये तेरी बिटिया,

पल-पल तेरी राह निहार किए थकी हैं मेरी अखियाँ।

               *****

-अनुराधा के, वरिष्ठ अनुवाद अधिकारी,

कर्मचारी भविष्य निधि संगठन,क्षेत्रीय कार्यालय,मंगलूरु

 

Last Updated on February 12, 2021 by anuradha.keshavamurthy

  • अनुराधा.के
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