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डॉ. शैलेश शुक्ला

सुप्रसिद्ध कवि, न्यू मीडिया विशेषज्ञ एवं प्रधान संपादक, सृजन ऑस्ट्रेलिया

सृजन ऑस्ट्रेलिया | SRIJAN AUSTRALIA

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डॉ. शैलेश शुक्ला

सुप्रसिद्ध कवि, न्यू मीडिया विशेषज्ञ एवं
प्रधान संपादक, सृजन ऑस्ट्रेलिया

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रचना शीर्षक : “प्रणय निवेदन”

विचलित से हैं भाव मेरे,
तेरे सम्मुख आ जाने आने पर,
फेर सको गर नज़रें तुम,
कुछ शब्द लिखूं पैमाने पर…!

शब्द, शून्य की सीमा पर,
कैसे तारीफ के शब्द लिखूं…?
मुख पर मुस्कान की आभा है,
मैं कैसे भाव अनेक लिखूं…??

मेरे शब्दों के उपर है,
सुंदरता तेरे मन की,
है काव्य तुच्छ मेरा सुन लो,
गर भान करूं तेरे तन की…!

जो अपने मन के भाव कहूं,
ये तिरछे नैन अधीर करें,
मुस्कान तेरे अधरों की तो,
हृदय बेध मन पीर भरें…!

प्रेम भरी आंखों और,
भौहों की भाषा बतला दो…?
अधरों की आधी मुस्कानों का,
ये भेद ज़रा तुम दिखला दो…!

बतला तो दो कैसे मन की,
सुंदरता को तुम प्राप्त किए…?
तन के प्रेमी इस युग में तुम,
कैसे निर्मलता व्याप्त किए…??

ख़ामोशी को ओढ़ भला,
तुम कैसे मुस्कान बिखेर रहे…?
मैं व्यग्र तुम्हें पढ़ पाने को,
क्युं मेरे मन को घेर रहे…??

वास करूं तेरे मन में,
इक स्वप्न मेरा साकार करो,
इस युग ना सही अगले युग में,
तुम प्रणय मेरा स्वीकार करो…!
तुम प्रणय मेरा स्वीकार करो…!!

सादर,
ऋषि देव तिवारी

Last Updated on January 6, 2021 by rtiwari02

  • ऋषि देव तिवारी
  • सहायक प्रबंधक
  • भारतीय स्टेट बैंक
  • [email protected]
  • L-4, Nai Basti Ramai Patti, Mirzapur, Uttar Pradesh Pin-231001
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